फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: बारिश और बदलते मौसम में गोवंश में फैल रहा लंपी

विज्ञापन
.लंपी स्किन डिजीज से ग्रसित गाय।
विज्ञापन
इंद्री। बारिश और बदलते मौसम के बीच पशुओं में लंपी स्किन डिजीज फैल रही है। यह बीमारी मुख्य रूप से गोवंश को प्रभावित करती है, जिसमें पशु को तेज बुखार, शरीर पर गांठें, त्वचा पर घाव और दूध उत्पादन में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। राजकीय पशु चिकित्सालय कलसौरा के पशु चिकित्सक डॉ. विकास खिचड़ ने बताया कि पशुपालन विभाग ने 20 गांवों में पशुओं के टीकाकरण का कार्य पूरा कर लिया है।
विज्ञापन

विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पशुपालकों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक कर रही हैं। लंपी बीमारी मुख्य रूप से मक्खियों और खून चूसने वाले कीटों के माध्यम से फैलती है।पशुपालकों से अपील की कि वे इस बीमारी को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। पशुशाला में साफ-सफाई बनाए रखें और कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें। टीकाकरण ही इस बीमारी की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है। लंपी पशुओं से मनुष्यों में नहीं फैलती, इसलिए पशुपालकों को घबराने की बजाय सतर्कता और समय पर उपचार पर ध्यान देना चाहिए। हरियाणा पशुपालन विभाग ने इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है।

लक्षण दिखते ही पशु को करें अलग
यदि किसी पशु में इस बीमारी के लक्षण नजर आएं तो सबसे पहले संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग कर देना चाहिए, ताकि संक्रमण अन्य पशुओं में न फैले। लक्षण दिखते ही तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें और समय-समय पर पशु के बुखार की जांच करते रहें। इस बीमारी में पशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक के परामर्श से उपचार कराएं। राहत के लिए नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से पशु को नहलाया जा सकता है। कई मामलों में पशु के शरीर पर फोड़े फूट जाते हैं, जिससे उसे जलन महसूस होती है। इसलिए समय पर पहचान और उपचार अत्यंत आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें