तरावड़ी। श्री हनुमान सेवा समिति तरावड़ी की ओर से मां अन्नपूर्णा आश्रम में चल रही श्रीराम कथा में प्रवचन करते हुए आचार्य प्रहलाद मिश्रा रामायणी ने कहा कि भगवान शिव श्रीराम कथा के प्रथम आचार्य है। उनके द्वारा रामायण का निर्माण हुआ है, इसलिए रामायण में शिव विवाह की कथा का वर्णन पहले किया गया है। श्रीराम तत्व को जानने के लिए जीवन में श्रद्धा और विश्वास का होना परम आवश्यक है। विश्वास भगवत भक्ति का आधार है।
उन्होंने कहा कि नवदुर्गा मां पार्वती के ही स्वरुप है। देव ऋषि नारद पुराणों में संवाददाता और परम संत है। मां-बाप को अपने बच्चों को संस्कार देकर उनका मार्गदर्शन करना चाहिए। रविन्द्र सिंगला ने जोत प्रचंड कर श्रीराम कथा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लाला साधु राम सिंगला, संरक्षक बालकिशन त्रिपाठी, अध्यक्ष अमन शर्मा, संजय सिंगला, महेश गोयल, प्रमोद सिंगला, नरेश गाबा पार्षद, अनिल सिंगला, यशपाल शर्मा, रमेश सचदेवा के साथ अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।