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पावर हाउस पर ग्रामीणों ने जड़ा ताला

Fri, 13 Jun 2014 12:05 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
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पिचौलिया गांव के लोगों ने 33 केवीए पावर हाउस पिचौलिया पर प्रदर्शन करते हुए घेराव कर दिया। उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्य द्वार को ही बंद कर दिया। सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण पावर हाउस से अन्य गांव के खेतों के रकबे को जोड़ने को लेकर आक्रोशित थे।
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि उनके गांव के पावर हाउस के साथ अन्य गांवों के रकबे को जोड़ा गया तो वे इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके लिए आंदोलन का रास्ता भी इख्तियार करना पड़ा तो वे डटकर विरोध करेंगे। ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप पावर हाउस के मेन गेट पर ताला जड़कर नारेबाजी की।

मामले की सूचना मिलने पर एक्सईएन करनाल जेएस नारा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़ गए और अपनी आवाज को आलाधिकारियों के समक्ष रखने की बात कही। एक्सईएन ने आश्वासन दिया कि विभाग के आलाधिकारियों के साथ इस बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा। जब जाकर ग्रामीणों ने मेन गेट का ताला खोला।
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जमीन हमने दी, बिजली भी हमारी
प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पावर हाउस पर धरना देंगे और अनिश्चितकाल के लिए गेट पर ताला जड़ देंगे। ग्रामीणों ने एक्सईएन को बताया कि पिचौलिया गांव के लोगों ने करीब 6 एकड़ भूमि बिजली निगम को पावर हाउस बनाने के लिए दी है ताकि बांसा व पिचौलिया गांवों को बिजली सप्लाई मुहैया करवाई जा सके, लेकिन इसके बावजूद किसी अन्य गांवों की सप्लाई मिलीभगत के चलते जोड़ने की कोशिश की जा रही है जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

लाइन जोड़ने आए एसडीओ को लौटाया
प्रदर्शनकारी ग्राम सरपंच अरुण कुमार, बारुराम, डॉ. सियाराम शर्मा, ओमप्रकाश, रूपचंद, मुकेश शर्मा, हजारीराम, सुशील कुमार, सुदामा राम, विनोद कुमार, नाथीराम, सोमदत्त, प्रवीन कुमार, जगरोशन, धरा राम, सतपाल सिंह, ईश्वर सिंह, जगदीश, सत्यम, पुरुषोत्तम दास, शमशेर, भूपाल सिंह ने बताया कि सुबह के समय मुनक एसडीओ व जेई उनके गांव में स्थित 33 केवीए पावर हाउस से अन्य गांवों के रकबे की बिजली सप्लाई लाइन जोड़ने के लिए पहुंचे थे। पिचौलिया के लोगों को इसकी भनक लगी और उन्हें वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि मिलीभगत के चलते इस कार्य को अंजाम देने का प्रयास किया जा रहा है जिसे पूरा नहीं होने दिया जाएगा।
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