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बैंक प्रबंधकों को बंदूक दिखा कराया लोन का सेटलमेंट

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संवाद न्यूज एजेंसी
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निसिंग (करनाल)। कैथल जिले के कैनरा बैंक के दो शाखा प्रबंधकों से करनाल जिले के एक कृषि ऋण खाताधारक ने एक मुश्त समाधान योजना के तहत लाखों के ऋण का बंदूक दिखाकर सेटलमेंट कराने का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर निसिंग थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
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कैथल जिले के सांबली स्थित कैनरा बैंक के शाखा प्रबंधक आनंदजीत सिंह और रणजीत सिंह तीन अक्तूबर को कृषि ऋण के एनपीए खाताधारक करनाल के सिंगड़ा गांव निवासी सरताज सिंह के घर गए। लेकिन वह नहीं मिला। उसकी पत्नी ने उसका फोन नंबर दे दिया। शाखा आकर जब उसे फोन किया तो उसने चार अक्तूबर को घर आने को कहा। सरताज सिंह के घर पहुंचे तो उसने घर के अंदर बुला लिया। एक मुश्त समाधान पर चर्चा करने के लिए कमरे में ले गया। सरताज एक बैड पर लेटा था। उसने कुल राशि सहित ब्याज और मूलधन की राशि पूछी। फिर उसने कम राशि देने की बात कही। आरोप है कि जब शाखा प्रबंधक ने उसे ब्याज सहित कुल बकाया राशि 19.30 लाख रुपये बताई और स्वीकृत राशि 9.38 लाख रुपये थी तो उसने तुरंत अपनी रिवाल्वर निकाल ली और बैंक अधिकारियों पर तानकर दरवाजा बंद करने को विवश किया। रणजीत सिंह बाहर जाने लगे तो सरताज के बेटों ने रोकने की कोशिश की लेकिन वह कार में बैठकर किसी तरह वहां से भागे। आरोपी ने आनंदजीत सिंह को पकड़ लिया। सरताज जबरदस्ती आनंदजीत सिंह से बंदूक दिखाकर ओटीएस 90 हजार की रकम पर पूर्ण अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास करने लगा। बाद में 1.10 लाख का चेक देकर पूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर करा लिए। इधर, वहां से भागे रणजीत सिंह ने पुलिस को सूचना दी। करीब 25 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आनंदजीत सिंह के बयान दर्ज किए। घटना की पुलिस व विभागीय अधिकारियोें को सूचना दी। 14 नवंबर को एक बार फिर सरताज चार लोगों के साथ शाम चार बजे बैंक शाखा पहुंच गया तब दोनों प्रबंधक उपलब्ध नहीं थे। फिर वह धमकी देकर चल गया। पुलिस अधीक्षक कैथल ने इस शिकायत को कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक करनाल को भेज दिया। उनके आदेश पर निसिंग थाना पुलिस ने सरताज सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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