- सर्वे में खुलासा : असंध मार्ग पर अवैध पार्किंग और कब्जे, कैथल मार्ग पर गति अवरोधक और साइन बोर्ड न होने से हो रहे हादसे
- सड़क हादसों की वजह तलाशने के लिए प्रशासन ने कराया सर्वे, अधिकारियों की लापरवाही आई सामने, नहीं दिखे सुरक्षा इंतजाम
गगन तलवार
करनाल। प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके राजमार्गों को चौड़ा तो कर दिया, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही इन नई सड़कों पर भी लोगों की जान ले रही है। कहीं गति अवरोधक नहीं तो कहीं साइन बोर्ड नहीं लगे हैं। कहीं सड़क पर अस्थायी कब्जा है मगर इन खामियों पर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं है। जिस कारण हादसे हो रहे हैं।
जिला प्रशासन की सड़क सुरक्षा समिति की ओर से दो राजमार्गों का सर्वे कराया गया। सड़क हादसों की वजह तलाशने के लिए कराए गए सर्वे में सामने आया कि करनाल-असंध राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह अवैध पार्किंग हैं तो कहीं रेहड़ी और फड़ी वालों ने कब्जा किया है। ऐसे में चार लेन का हाईवे ज्यादातर जगह दो लेन का रह गया है। वहीं, करनाल-कैथल राजमार्ग पर गांवों की ओर से आने वाली सड़क के नजदीक गति अवरोधक नहीं हैं। तीव्र मोड़, स्कूल आदि होने की जानकारी देन के लिए साइन बोर्ड भी नहीं लगे हैं। इसके अलावा कुछ जगह गहरे गड्ढे हैं और सड़क की ग्रिल गायब है। ऐसे में रात में या तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।
दरअसल असंध और कैथल मार्ग पर लगातार हादसे बढ़ रहे हैं। इसकी वजह और समाधान के लिए जून माह में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त अनीश यादव ने कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने करीब एक माह तक दोनों हाईवे की स्थिति पर सर्वे करके अब रिपोर्ट दी है। जिसमें दोनों हाईवे की छोटी-छोटी खामियां हादसों की वजह निकली हैं। गत वर्ष से तुलना करें तो इन सात माह में अब तक 48 हादसे जिले में ज्यादा हुए हैं। इस वर्ष 402 हादसों में 179 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 2022 में इस महीने तक 354 हादसों में 218 मौत हुई थी। ब्यूरो
इन दोनों राजमार्गों पर हादसे की ये वजह आई सामने
1. करनाल असंध मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-709ए)-
- हाईवे दो लेन का है, कुछ जगह पर ही चार लेन है।
- ज्यादातर हादसे तेज रफ्तार के कारण हो रहे हैं।
- गति सीमा के जागरूकता बोर्ड और सड़क पर रोड मार्किंग (सफेद और पीली पट्टी) नहीं है।
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क के दोनों और डिवाइडर से कई जगह ग्रिल गायब है।
- गति सीमा बनाए रखने के लिए कई जगह ब्रेकर या रंबल स्ट्रीप नहीं हैं।
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह अवैध पार्किंग और रेहड़ी-फड़ी वालों का कब्जा है।
2. करनाल-कैथल मार्ग (राजमार्ग-08)-
- मामल गांव, ब्रास गांव और बधनारा गांव के टी-प्वाइंट पर गति अवरोधक यानी स्पीड ब्रेकर नहीं हैं।
- राजकीय स्कूल बस्तली, गीता निकेतन स्कूल और एमएस पब्लिक स्कूल के नजदीक सड़क के दोनों तरफ आगे स्कूल होने की जानकारी देने वाला बोर्ड नहीं है।
- निसिंग के देवी मंदिर और सिंगड़ा मोड़ के नजदीक सड़क पर आगे तीव्र मोड़ होने की जानकारी देने वाला साइन बोर्ड नहीं है।
- राजमार्ग पर निसिंग-गुल्लरपुर रोड की तरफ जाने वाले रास्ते के पास और सांभली मोड़ पर गति अवरोधक नहीं हैं और यहां पास में सड़क पर बड़ा और गहरा गड्ढा भी है। पूरे हाईवे पर सड़क की स्थिति कुछ ठीक है।
यहां ज्यादा हो रहे हादसे
- गुरुनानक देव द्वार के नजदीक औसतन तीन हादसे।
- चिड़ाव मोड़ पर दो हादसे।
- जींद-असंध बाईपास पर एक हादसा।
- जींद चौक असंध रोड पर औसतन तीन हादसे।
एनएच-709ए संबंधित खामियों को दुरुस्त करने के लिए एनएचएआई के परियोजना निदेशक को और कैथल मार्ग संबंधित मामलों के लिए पीडब्ल्यूडी-2 के अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। इस माह होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दोनों अधिकारी अपनी कार्य रिपोर्ट पेश करेंगे। हादसों की वजह मिली है तो समाधान भी कराएंगे। हादसों के ग्राफ को कम करना हमारा मकसद है। - अनीश यादव, उपायुक्त