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Karnal News: नियम ताक पर रखकर चल रहे शराब ठेके

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- धार्मिक स्थल और स्कूलों से नहीं उचित दूरी, शिकायत के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
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- तय रेट से कम कीमत पर बेची जा रही शराब

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। क्षेत्र में शराब के ठेके नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं। निसिंग, जलमाना में ऐसे कई ठेके हैं, जहां सरकारी कीमत से कम पर शराब बेची जा रही है। इतना ही नहीं स्कूल, गुरुद्वारों व मंदिरों से इनकी उचित दूरी भी नहीं है। विभाग की लाइसेंस फीस की रसीद और रेट लिस्ट भी नहीं लगी है। आबकारी विभाग की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गोंदर गांव में आबादी के हिसाब से एक मुख्य व दो सबवेंड चलाने की अनुमति है, लेकिन इस क्षेत्र में करीब छोटे बड़े पांच ठेके चल रहे हैं। इनमें से तीन सबवेंड गोंदर नहर के पास स्थित शराब के ठेके के वाल्मीकि मंदिर से उचित दूरी न होना, कम रेट पर शराब देना पाया गया। इसके अलावा ईंट भट्ठे के पास एक अवैध रूप से सबवेंड तैयार किया गया है। जहां देसी शराब की माल्टा वैरायटी को 120 रुपये में दिया जा रहा है जबकि विभाग की ओर से इसका रेट 170 रुपये निर्धारित किया गया है।
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गोंदर से गुल्लरपुर रोड पर भी ऐसा ही एक ठेका है। गोबिंदगढ़ गांव में तो एमके वाइन ने शराब ठेके को सरकारी स्कूल व गुरुद्वारे के पास ही रख दिया है। कायदे से यह दूरी 150 मीटर होनी चाहिए लेकिन यह दूरी काफी कम है। मामले को लेकर गांव का सरपंच उपायुक्त एवं सीएम विंडो तक के चक्कर काट चुका है, लेकिन उसकी समस्या का आज तक समाधान नहीं हो पाया। डाचर से जलमाना की ओर जाने वाली सड़क पर भी ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। यहीं पर एक और सबवेंड अवैध रूप से चल रहा है। हैरत की बात है कि विभाग को पता तक नहीं है।



नहीं हुआ समाधान



गांव गोबिंदगढ़ के सरपंच पप्पू सिंह ने बताया कि उसके गांव में सरकारी स्कूल और गुरुद्वारा एक साथ है। जहां से शराब के ठेके की दुकान बहुत नजदीक है। मामले को लेकर वह कई बार आबकारी विभाग के चक्कर काट चुका है, लेकिन आज तक उचित कार्रवाई नहीं हुई। सीएम विंडो और उपायुक्त के सामने भी अपना दुखड़ा सुना चुका है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल में छोटे बच्चे पढ़ने आते हैं, ऐेसे में उन पर नशे का प्रभाव पड़ना लाजमी है। इसके अलावा धार्मिक स्कूल होने के कारण भी वहां पर हर रोज बहू-बेटियां आती है। सामने शराब की दुकान होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।



सांठ-गांठ से चलता है कारोबार : अधिवक्ता



चंडीगढ़ हाई कोर्ट मे अधिवक्ता सचिन का कहना है कि क्षेत्र में शराब का पूरा खेल अधिकारियों की सह पर ही चलता है। यह तो छोटे से क्षेत्र का मामला है। शहर और प्रदेश में न जाने यह खेल कितनी जगहों पर चलता होगा।



ठेका सील करने का नियम



आबकारी एवं कराधान इंस्पेक्टर बलबीर सिंह ने बताया कि अगर क्षेत्र में कोई शराब कारोबारी निर्धारित रेट से कम में शराब बेचता है तो उस पर सीलिंग की कार्रवाई की जाती है। फीस को लेकर बताया कि ठेकेदारों से सबवेंड की फीस ली जा रही है। गोबिंदगढ़ गांव का मामला सुलझा दिया गया है। जो ठेके संज्ञान में आए हैं उनकी जांच की जाएगी।
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क्षेत्र में ऐसे ठेकों पर इंस्पेक्टर भेज कर उचित कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित रेट से जो कम बेचेगा उसे सील किया जाएगा। धार्मिक स्थल व स्कूल से उचित दूरी पर ठेके शिफ्ट करवाए जाएंगे। सभी से फीस जाम करवाई जाएगी।
- रामकुमार नैन, डीईटीसी करनाल।
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