गांव गोहिदा के श्मशान में बरामदे का लेंटर ढहने से चार मजदूर लेंटर के
नीचे दब गए, जबकि लेंटर पर निर्माण कार्य करने वाले दो मिस्त्री भी घायल हो
गए। सूचना पाकर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची।
दबे मजदूरों को ग्रामीणों
ने क्रेन की सहायता से बाहर निकाल सीएचसी निसिंग में भर्ती कराया। डॉक्टरों
ने मजदूरों की हालत गंभीर देखते हुए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल क़ॉलेज
रेफर कर दिया गया। हादसे में सात लोगों को चोटें चोटे गी। इनमें दो महिलाओं
सहित चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनमें से एक महिला सरोज की मौत हो
गई।
शनिवार बाद दोपहर गांव गोहिदा के श्मशान में बरामदे का निमार्ण
कार्य करते समय अचानक बरामदेे की दीवार खिसकने से लेंटर नीचे ढब गया। जिसके
नीचे खड़ी दो महिलाओं सहित चार मजदूर दब गए। लेंटर पर टाइल लगाने का काम
कर रहे बरास निवासी करेशन व ओमप्रकाश व उसके लड़के को भी काफी चोटें लगीं।
बरामदे पर मजदूरी का काम करने वाली गोहिदा निवासी रानी, सरोज, संजू व
लीलाराम सहित एक बाइक लेंटर के नीचे दब गई। इसका पता चलने पर गांव के
सैकड़ों लोग बचाव कार्य में लग गए, लेकिन लेंटर में अधिक वजन होने के कारण
लोग उसे उठाने में असमर्थ थे। ग्रामीणों ने पुलिस की सहायता से दो क्रेन
बुलाकर लेंटर के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाल उपचार के लिए सीएचसी निसिंग
में भर्ती कराया जहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर
करनाल रेफर कर दिया गया। घायलों में महिला सरोज की हालत काफी नाजुक थी,
जिसकी कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई।