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एक अध्यापिका के भरोसे छोड़ दिया पूरा स्कूल

Mon, 11 Nov 2013 11:54 PM IST
अमर उजाला, कैथ्ाल
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कैथल की नहर कॉलोनी स्थित प्राथमिक पाठशाला में समस्याओं को अंबार लगा हुआ है। इस स्कूल कुल 38 विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं। स्कूल चलाने के लिए मात्र एक अध्यापिका है।
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यही अध्यापिका स्कूल बंद भी करती है और खोलती है। स्कूल में सफाई करने के लिए विभाग ने किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूल अध्यापिका का पूरा दिन विद्यार्थियों के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई में निकल जाता है।

स्कूल में पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के बैंक में खाते खुलवाने के लिए बार-बार बैंक जाना पड़ता है ऐसी स्थिति में स्कूल में मिड-डे मील बनाने वाली कुक विद्यार्थियों को संभालती है। ऐसी स्थिति में जब किसी कारण से अध्यापिका को छुट्टी लेनी होती है तो शिक्षा विभाग में एक दिन पहले सूचना देनी पड़ती है।
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तब विभाग अन्य स्कूल से अध्यापक एक दिन के लिए विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए आता है। सुबह स्कूल तब तक नहीं खुलता है जब तक स्कूल अध्यापिका स्कूल में नहीं आती। ऐसी स्थिति में बच्चों के साथ-साथ अध्यापिका को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सुबह आकर स्कूल खोलना व दोपहर को स्कूल बंद करना अध्यापिका की जिम्मेदारी है।

बच्चे करते हैं स्कूल की सफाई
स्कूल में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए बच्चें स्कूल की सफाई करते हैं। इस स्कूल में कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं है। जिसके कारण बच्चों ने स्वयं स्कूल प्रांगण को साफ करना पड़ता है।

छुट्टी के बाद मिड-डे मील की खरीदारी
स्कूल में कार्यरत अध्यापिका बिमला देवी ने बताया कि बच्चों के मिड डे मील बनाने के लिए स्कूल की छुट्टी के बाद सामान खरीदना पड़ता है।

नियुक्त होगा अध्यापक
इस बारे में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतीश राणा ने बताया कि जब रेशनलाइजेशन हुआ था तब स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम होने कारण एक अध्यापक नियुक्त हुआ। अगर स्कूल में अब बच्चों की संख्या अधिक है विभाग को सूचित करके अध्यापक नियुक्त किया जाएगा।

अधिकारियों की मिलीभगत
इस संदर्भ में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के सचिव सतबीर गोयत ने बताया कि जिले में करीब 15 स्कूल ऐसे हैं जहां पर अधिकारियों की मिलीभगत से कम व अधिक टीचर दिखाए जा रहे हैं। जिसके कारण विद्यार्थियों व अध्यापकों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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