संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। किशोर बंदियों को दी जा रही सुविधाओं की निगरानी के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरपर्सन चंद्रशेखर व सीजेएम डॉ. सविता कुमारी ने प्लेस ऑफ सेफ्टी, मधुबन करनाल का औचक निरीक्षण किया। न्यायिक अधिकारियों ने प्लेस ऑफ सेफ्टी में रह रहे बाल कैदियों से वार्तालाप की और उनको होने वाली परेशानियों के बारे में जाना।
उन्होंने बच्चों को स्वस्थ रखने और अपने आस-पास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने के लिए भी जागरूक किया ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी न फैले। उन्हें बताया गया कि यदि कोई बच्चा अपने आगे के अध्ययन में सुधार करना चाहता है, तो वह जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, करनाल से संपर्क कर सकता है।
इस संबंध में स्टाफ को बच्चों के आवेदन अग्रेषित करने के निर्देश दिए गए। अधीक्षक को बैरकों और पुस्तकालय में बच्चों- कैदियों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी स्थापित, प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि बच्चों - कैदियों को कानूनी सेवाएं प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत बनाए गए नियम और उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराया जा सके। कुछ कैदियों ने विभिन्न न्यायालयों में लंबित अपने मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए अनुरोध किया। स्टाफ को उनके आवेदनों को अग्रेषित करने का निर्देश दिया गया, ताकि मामला संबंधित न्यायालयों के ध्यान में लाया जा सके।
अधीक्षक को विशेष रूप से किशोर न्याय अधिनियम और उसके तहत बनाए गए नियमों के अस्तित्व और कैदियों के कल्याण के तहत गठित समितियों के अस्तित्व के बारे में भी अवगत कराया गया। उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, करनाल की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया।
न्यायिक अधिकारियों ने अधीक्षक को निर्देश दिया कि किशोर बंदियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रहे। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होने चाहिए। ऐसा होने पर कार्रवाई की जाएगी।