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Karnal News: रामभरोसे कानून के रखवाले, उधार के भवनों में चल रहे थाने

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जांगड़ा चौपाल मूनक में चल रहा है पुलिस थाना। संवाद
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जगदीप
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करनाल। कानून व्यवस्था संभालने वाली पुलिस बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। कई थाने और चौकियां आज भी उधार के भवनों में संचालित हो रहे हैं। कई के भवन जर्जर हैं। जिले के तीन महत्वपूर्ण थाने, दो पुलिस चौकियों और स्पेशल टास्क फोर्स के पास अपना भवन नहीं है।
सार्वजनिक चौपाल और मार्केट कमेटी के भवनों के जर्जर भवनों में पुलिसकर्मी अपराधियों का हिसाब कर रहे हैं। बरसात के मौसम में इन थानों में रिकॉर्ड बचाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। अपना भवन न होने के कारण कई थानों में न तो मालखाना व्यवस्थित है और न ही हवालात की पुख्ता व्यवस्था। ऐसे में किसी अपराधी को पकड़े जाने पर उसे मुख्य थाने ले जाने तक सुरक्षा का जोखिम रहता है।
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जिले में 19 पुलिस थाने और 15 पुलिस चौकी

जिले में कुल 19 पुलिस थाने और 15 चौकियां हैं। सिटी थाने के अंतर्गत सदर बाजार और सेक्टर-4 चौकी है। सदर थाने के तहत जुंडला व रंबा चौकी आती है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सेक्टर-13 और माडल टाउन चौकी है। सेक्टर-32, 33 थाना क्षेत्र में सेक्टर-9 चौकी है। बुटाना थाने में नीलोखेड़ी चौकी है। निगदू थाना क्षेत्र में सीतामाई चौकी है। मधुबन थाना क्षेत्र में मंगलौरा चौकी है। मूनक थाना क्षेत्र में बल्ला चौकी है। असंध थाना क्षेत्र में जलमाना और सालवन दो पुलिस चौकी हैं। इंद्री थाना क्षेत्र में बयाना चौकी है। निसिंग, घरौंडा, तरावड़ी, कुंजपुरा, महिला थाना करनाल व असंध है। एक यातायात थाना और एक ट्रैफिक पुलिस चौकी भी है। वर्ष 2020 में साइबर थाना खोला गया।



चौपाल व अन्य विभागों की इमारत में काम कर रही पुलिस

थाना का नाम : कहां चल रहा

मूनक थाना : जांगड़ा चौपाल

निगदू थाना : सामुदायिक भवन

कुंजपुरा थाना : मार्केट कमेटी की बिल्डिंग (जर्जर)

जुडला चौकी : अनाज मंडी मार्केट कमेटी की बिल्डिंग (जर्जर)

सालवन चौकी : राजकीय स्कूल की जगह

बयाना चौकी : पंचायती जमीन

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महिला थाने की बिल्डिंग में चल रहा साइबर थाना

डिजिटल अपराधों पर नकेल कसने के उद्देश्य से बनाया गया साइबर थाना वर्तमान में थाना महिला थाने की बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। साइबर अपराधों की जांच बेहद संवेदनशील होती है, जांच अधिकारियों के लिए अलग-अलग कक्ष न होने के कारण परेशानी होती है। एक ही परिसर में महिला थाना और साइबर थाना होने से फरियादियों की भीड़ बढ़ जाती है। इससे कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। महिला थाने में गृहक्लेश संबंधी ज्यादा मामले पहुंचते हैं और दिनभर पंचायतों का दौर चलता है।



जिले में पुलिस की सात स्पेशल यूनिट

गंभीर अपराधों की जांच के लिए पुलिस की ओर से सात स्पेशल टीमों का गठन किया गया है। इनमें सीआईए वन, सीआईए टू, सीआईए असंध, डिटेक्टिव स्टाफ, एंटी नारकोटिक्स सेल, एंटी ऑटो थेपट व इकोनॉमिक्स सेल है। कई टीमों के पास खुद का अलग से भवन नहीं है।
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वर्जन

पुलिस की ओर से उपलब्ध संसाधनों में बेहतर कार्य करने का प्रयास जारी है। कई पुलिस थाने दूसरे भवनों में चल रहे हैं। कई चौकियों की बिल्डिंग पुरानी है। उनकी रिपोर्ट विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही विभागीय प्रक्रिया के बाद थाने चौकियों को नए भवन मिलेंगे। -गंगाराम पूनिया, एसपी, करनाल
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