करनाल। कॉलेजों की दाखिला प्रक्रिया में इस बार दो वरीयता सूची जारी होंगी। इनमें जिन विद्यार्थियों का नाम आए, वे तुरंत दाखिला कराएं। अन्यथा उन्हें दाखिले के लिए विलंब शुल्क भी देना होगा और प्रतिदिन के हिसाब से लेट फीस लगेगी। वहीं इस बार कॉलेजों में दाखिले के लिए आवेदन करने पर बेटियों को भी 50 रुपये शुल्क देना होगा। इधर कॉलेजों में दाखिला कमेटियों का गठन होना शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार कॉलेजों में पहली अगस्त से दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। आठ अगस्त तक विद्यार्थी दाखिले के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस बार कॉलेजों में सीटों से दोगुने विद्यार्थी हैं। ऐसे में दाखिले के लिए काफी मारामारी रहने की भी संभावना है। सेल्फ फाइनेंस को छोड़ दें तो जिले के 15 कॉलेजों में स्नातक की 9430 सीटें हैं। जबकि 17702 विद्यार्थियों ने 12वीं पास की है। ब्यूरो
प्रदेश सरकार के खजाने में जमा होगा शुल्क
सामान्य आवेदन पर नॉन रिफंडेबल फीस देनी होगी। पंजीकरण शुल्क और विलंब शुल्क राज्य सरकार के पास रहेगा। विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए शुल्क/निधि संरचना राज्य सरकार या विश्वविद्यालय के मानदंडों के अनुसार होगी। आवेदन शुल्क के अलावा दाखिले के लिए इस बार ओपन काउंसलिंग में विलंब शुल्क भी रखा गया है।
इतना लगेगा शुल्क
- आवेदन के समय छात्रा और एससी विद्यार्थी (हरियाणा निवासी) को 50 रुपये और अन्य सभी को 100 रुपये फीस देनी होगी।
- ओपन काउंसलिंग के पहले सप्ताह में 100 रुपये, दूसरे सप्ताह से 100 रुपये के साथ 100 रुपये प्रतिदिन लेट फीस देनी होगी।
कॉलेज सीटों की जानकारी अपलोड करने में जुटे
उच्च्तर शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, 28 जुलाई की रात तक अपनी प्रोफाइल पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। यानी सीटों की संख्या, दाखिले के नोडल अधिकारी, कॉलेज के बैंक खाते की जानकारी, सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन (विषय संयोजन) और फीस आदि का विवरण देना होगा। इस विवरण को 29 से 31 जुलाई तक मुख्यालय से स्वीकृति मिलेगी। इस अवधि में यदि कोई संशोधन होगा तो मुख्यालय की ओर से कराया जा सकेगा। ऐसे में कॉलेजों में विवरण अपडेट करने का कार्य शुरू हो चुका है।
दाखिले के लिए कमेटी का गठन हो चुका है। विद्यार्थी पहली अगस्त से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन का 50 और 100 रुपये का शुल्क भी श्रेणी के हिसाब से निर्धारित किया गया है। यदि ओपन काउंसलिंग में दाखिला लेते हैं तो विलंब शुल्क भी विद्यार्थियों को देना होगा।
- डॉ. रेखा शर्मा, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी