ललिता रामदास ने हिमांशी को पत्र लिखकर उनकी प्रशंसा की। ललिता ने अपने पत्र में लिखा कि मुझे आप पर बहुत गर्व है। आपकी असाधारण ताकत, धैर्य और दृढ़ विश्वास, जब आप मुसलमानों और कश्मीरियों को निशाना बनाने और नफरत के खिलाफ बोलती हैं, वाकई उल्लेखनीय है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में मारे गए करनाल निवासी नौसेना लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल के शांति और एकता के बयान ने देशभर में चर्चा बटोरी है। उनके इस बयान की सराहना करते हुए देश के पहले नौसेना प्रमुख एडमिरल रामदास कटारी की बेटी ललिता ने हिमांशी को एक भावुक पत्र लिखा है।
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1 मई को विनय नरवाल के 27वें जन्मदिन पर करनाल में कई सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर के दौरान हिमांशी ने कहा था कि हम नहीं चाहते कि लोग मुसलमानों या कश्मीरियों के खिलाफ जाएं। हम केवल शांति चाहते हैं। निश्चित रूप से हम न्याय चाहते हैं। जिन्होंने गलत किया, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।
इस बयान को एक न्यूज़ चैनल पर देखने के बाद ललिता रामदास ने हिमांशी को पत्र लिखकर उनकी प्रशंसा की। ललिता ने अपने पत्र में लिखा कि मुझे आप पर बहुत गर्व है। आपकी असाधारण ताकत, धैर्य और दृढ़ विश्वास, जब आप मुसलमानों और कश्मीरियों को निशाना बनाने और नफरत के खिलाफ बोलती हैं, वाकई उल्लेखनीय है। आप एक आदर्श फौजी पत्नी हैं, जो सेवा की भावना, संविधान और हमारे धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रति सच्ची हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि आप स्पष्ट रूप से एक ऐसी महिला हैं, जो अपने मन की बात जानती हैं। विनय जैसे नौसेना के जवान के लिए आपसे अधिक साहसी साथी कोई नहीं हो सकता था। आपके शांति और करुणा के संदेश ने इस देश के हर विचारशील नागरिक की भावनाओं को आवाज दी है। हमें आपके प्रेम और एकता के संदेश को दूर-दूर तक फैलाना चाहिए।