संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल।
लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आने वाले आवेदनों में अब तक 221 आवेदन अस्वीकार कर दिए गए हैं। अधिकांश अस्वीकृत आवेदन उन महिलाओं के हैं जिनका मायका अन्य राज्यों में है और शादी के बाद वे हरियाणा राज्य में आ गई हैं। उनके परिवार पहचानपत्र में बैंक खाता अभी भी उसी राज्य का जुड़ा हुआ है जहां की वे महिला मूल निवासी है। कुछ आवेदकों के दूसरों की फोटो दस्तावेज में लगा देने से आवेदन अस्वीकृत हुए हैं।
पंडित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत हरियाणा सरकार की ओर से पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर की गई थी। इस योजना के तहत सभी पात्र महिलाओं को हर माह 2,100 रुपये मिल रहे हैं। योजना की शुरुआत से अब तक जिले में कुल 44,025 महिलाओं ने इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। यह आंकड़ा क्रिड विभाग की ओर से जारी किया गया है। इनमें से 43,916 महिलाएं अब तक योजना के लिए पात्र घोषित हो चुकी हैं। जिनमें से 43,804 महिलाओं का आवेदन सत्यापित हो चुका है।
पात्र आवेदक
- इस योजना के अंतर्गत पात्र महिला की आयु 23 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- वह ऐसे परिवार से संबंधित होनी चाहिए जिसकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक न हो।
- यदि महिला किसी अन्य राज्य से हरियाणा में विवाहित है और हरियाणा का निवासी हो और आवेदन के समय पिछले 15 वर्षों या उससे अधिक समय से राज्य में रह रहा हो।
- इस योजना के लिए प्रत्येक पात्र लाभार्थी के नाम पर एक सक्रिय बैंक खाता होना अनिवार्य है।
221 महिलाओं के आवेदन निरस्त किए गए हैं। एक लाख तक की सालाना आय वाले परिवार की पात्र महिलाओं को 2,100 रुपये की दो किस्त दी जा चुकी हैं। लाभार्थियों को तीसरी किश्त के पैसे 10 जनवरी से पहले उनके बैंक खाते में दे दिए जाएंगे। योजना के द्वितीय चरण में उन महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा जिनकी सालाना आय एक लाख 40 हजार तक या उससे कम है। - जयपाल हुड्डा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, करनाल