संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। महिला थाना में जीवनसाथी के अवैध संबंध और लिव-इन से जुड़े मामलों की शिकायतों में लगातार इजाफा हो रहा है। बीते कुछ महीनों से हर माह औसतन पांच से छह शिकायतें महिला थाने तक पहुंच रही हैं। एसएचओ कन्नू प्रिया ने बताया कि दंपतियों में संवाद की कमी और एक-दूसरे को समय न देने से रिश्तों में दरार और गलतफहमी लगातार बढ़ रही है। इससे रिश्ते कमजोर हो रहे हैं। बाहर समाधान तलाशने की कोशिश की जा रही है।
महिला थाना के काउंसिलिंग सेल में आने वाले अधिकतर मामलों में अवैध संबंध या लिव-इन रिलेशनशिप पर पति-पत्नी के बीच गंभीर विवाद होता हैं। कई मामलों में बात मारपीट, अलगाव और तलाक तक पहुंच रही है। महिला थाने की काउंसिलिंग सेल की टीम ऐसे मामलों में संवाद के जरिए परिवार को जोड़ने का प्रयास करती है।
काउंसिलिंग सेल से सब इंस्पेक्टर जसविंद्र ने बताया कि अवैध संबंध और लिव-इन से जुड़े मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। समय पर काउंसिलिंग से कई परिवार टूटने से बच रहे हैं। प्रयास रहता है कि तलाक या कानूनी कार्रवाई से पहले पति-पत्नी के बीच संवाद स्थापित कर परिवार को जोड़ा जाए। रिश्तों और बच्चों पर पड़ने वाले मानसिक प्रभाव को रोकना मकसद होता है। जरूरी है कि पति-पत्नी एक-दूसरे के लिए समय निकालें और संवाद बनाए रखें।
केस 1
- दूसरी महिला के लिए पति करने लगा मारपीट
शहर निवासी एक 32 वर्षीय महिला ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसके पति का लंबे समय से किसी अन्य महिला से संबंध है। वह उसके साथ लिव-इन में रहना चाहता है। इस कारण घर में आए दिन झगड़े होते हैं। पति नशा कर रोजाना मारपीट करता है। महिला थाने के काउंसिलिंग सेल में कई दौर की बातचीत के बाद पति ने अपनी गलती स्वीकार की और परिवार के साथ रहने पर सहमति जताई। फिलहाल मामला सुलह के साथ सुलझ गया।
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केस 2
- आत्मसम्मान बचाने के लिए तलाक का लिया फैसला
घोघड़ीपुर निवासी 32 महिला ने थाने में शिकायत दर्ज की उसके पति का सात साल से किसी अन्य महिला के साथ अपने कार्यालय में अवैध संबंध में है। शुरुआत में पति का सही व्यवहार था लेकिन धीरे-धीरे आक्रामक होता गया। समय न देना, मारपीट करना और खर्च न मिलने से महिला ने परेशान होकर तलाक लेने के लिए शिकायत दर्ज करवाई। काउंसिलिंग सेल में पति-पत्नी के बीच संवाद करवाया गया लेकिन पत्नी ने अपने आत्मसम्मान को बचाने के लिए तलाक लेने का निर्णय लिया।