करनाल। कर्ण स्टेडियम के कुश्ती हॉल में सुविधाओं का टोटा है। यहां के हॉल की हालात इतनी जर्जर हो चुकी है जो किसी भी समय गिर सकता है। कंडम हॉल में बच्चों को अभ्यास करवाया जा रहा है। इस हॉल में न तो लाइट की पूरी व्यवस्था और न ही शौचालय के लिए ही उचित प्रबंध है। कुश्ती हॉल में खेल उपकरणों की भी कमी है ऐसे में खिलाड़ियों के लिए यह भी चुनौती बनी हुई है कि खेल उपकरणों के अभाव में कैसे तैयार होंगे पदकवीर? हॉल में कुश्ती से पहले वार्म अप होने के लिए रस्सी व भारोत्तोलन के उपकरणों का भी अभाव है। कुश्ती ऐसे में खिलाड़ी देसी अखाड़े की तरह मैट पर ही कसरत करते हुए अपने शरीर को वॉर्म अप करते है।
कोच वजीर सिंह खिलाड़ियों को कुश्ती के दांव पेंच बारीकी से सीखाकर अपने 100 प्रतिशत दे रहे है लेकिन खेल सुविधाओं के अभाव में उनके प्रयास भी बौना साबित हो रहे है। कुछ समय पहले तो यहां पर महिला खिलाड़ियों के लिए अपनी पोशाक बदलने के लिए कमरे की व्यवस्था भी सही नहीं थी। अमर उजाला में इस खबर को भी प्रमुखता से छापा गया था उसके बाद खिलाड़ियों के लिए यह सुविधा तो हुई।
बरसात के मौसम में हॉल की छत से पानी टपकता है इस कारण से पहलवान यहां सही ढंग से अभ्यास नहीं कर पाते। मौसम के खराब होते ही हॉल के अंदर इतना अंधेरा हो जाता है कि खिलाड़ियों को कुछ नजर नहीं आता। छत से टपकता पानी खिलाड़ियों के लिए परेशानी बना हुआ है। कुश्ती हॉल के दरवाजे व खिड़कियों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि किसी भी समय टूट सकते है। यहां लगे दरवाजों की जाली पूरी तरह से टूटकर टूट चुकी है। हॉल में पंखों की व्यवस्था भी नहीं है, गर्मी में खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए मजबूर हैं। संवाद
कुश्ती हॉल का स्मार्ट सिटी परियोजना से निर्माणाधीन नए भवन में जल्द ही स्थानांतरण किया जाएगा। पहलवानों की सुविधा के लिए भवन में नए कुश्ती मैट की व्यवस्था की गई है। नए भवन में बेहतर शौचालय, लाईट व पंखों की व्यवस्था सब मिलेगी।
-सुधा भसीन, जिला खेल अधिकारी, करनाल