4611 रुपये फीस और पांच हजार रुपये जुर्माना...। जी हां आपने बिल्कुल सही पढ़ा। यह जुर्माना केयू एमएसडब्ल्यू विभाग ने विद्यार्थियों को गैरहाजिर रहने पर ठोका है।
केयू एमएसडब्ल्यू के विद्यार्थियों ने रोल नंबर नहीं मिलने पर डा. बीआर अंबेडकर छात्र कल्याण संघ के अध्यक्ष सूर्यकांत की अध्यक्षता में वीसी से मिले।
विद्यार्थियों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन उनके साथ गलत व्यवहार कर रहा है। विद्यार्थियों ने विभाग प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब दूसरे विभागों में 500 से 1500 रुपये जुर्माना है तो उनके विभाग में पांच हजार क्यों?
विद्यार्थियों ने कहा कि उनकी फीस तो 4611 रुपये है, परंतु उन्हें पांच हजार रुपये जुर्माना ठौका गया है। जिस कारण 23 विद्यार्थी पहली दो परीक्षाओं में बैठ नहीं सके।
विद्यार्थियाें का आरोप है कि जब वे केयू कुलपति और कुलसचिव से मिलने गए तो उन्हें लताड़ कर वापस जाने को कहा गया। डॉ. बीआर अंबेडकर छात्र कल्याण संघ के अध्यक्ष सूर्यकांत ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कल तक इन विद्यार्थियों को बिना किसी जुर्माने और शर्त के रोल नंबर नहीं दिए गए तो मजबूरन सभी 23 विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
कहां से भरे पांच हजार रुपये
छात्र वीरेंद्र ने कहा कि जिस विद्यार्थी ने एससी कोटे में सीट ली है और उसकी फीस 351 रुपये है वह पांच हजार रुपये जुर्माना कहां से भरेगा।
सब विद्यार्थियों के लिए एक ही नियम : डॉ. रल्हाण
केयू कुलसचिव डॉ. कृष्ण चंद रल्हाण ने कहा कि सब विद्यार्थियों के लिए एक ही नियम है। इसी आधार पर जुर्माना लगाया गया है। पहले तो कम हाजिरी वाले विद्यार्थी को रोल नंबर नहीं दिया जाता था, लेकिन विद्यार्थियों की स्वीकृति के बाद जुर्माना लगा कर रोल नंबर दिए जाते हैं।