हरियाणा में गन्ना मूल्य वृद्धि को लेकर किसानों की 16 जनवरी को प्रदेश सरकार की ओर से गठित गन्ना कमेटी के साथ वार्ता होगी। तब तक गठित कमेटी भी गन्ना किसानों और शुगर मिलों के लाभ हानि को लेकर आकलन करेगी। इधर, किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस वार्ता के बाद भी गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाया गया तो 17 जनवरी से गन्ने की छिलाई और 20 जनवरी से प्रदेश की सभी शुगर मिल बंद की जाएंगी।
गन्ना मूल्य वृद्धि को लेकर मंगलवार को नई अनाज मंडी में किसानों की महापंचायत हुई। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने महापंचायत की अध्यक्षता की। इस दौरान प्रदेशभर के किसान पहुंचे। किसानों से सरकार से गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल देने की मांग की है।
महापंचायत में आंदोलन को लेकर कोई फैसला लेने से पहले चढ़ूनी ने प्रशासन को शासन से बात करके अपनी स्थिति साफ करने को कहा। प्रशासन ने शासन से वार्ता के बाद चढ़ूनी और सभी 14 चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता की। जिसमें प्रशासन ने 16 जनवरी तक का समय मांगा है।
प्रशासन का कहना है कि शासन की ओर से गठित कमेटी गन्ने की लागत और चीनी मिलों को हो रहे लाभ व हानि का आकलन कर रही है। मार्केटिंग बोर्ड के कार्यालय में डीसी अनीश यादव के साथ सभी 14 शुगर मिल क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने बात की। 16 जनवरी को वार्ता के आश्वासन के बाद बैठक खत्म हुई। वहीं वार्ता में यदि मूल्य बढ़ाने को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं निकलता तो 20 जनवरी से शुगर मिल बंद करने का निर्णय महापंचायत में लिया गया। इस दौरान गन्ना संघर्ष समिति के प्रधान रामपाल चहल, हरियाणा महिला किसान प्रदेशाध्यक्ष सुमन हुड्डा, उत्तरी हरियाणा खाप के प्रधान ओम प्रकाश धनखड़, अजय राणा, मनजीत चौगांवा, सुरेंद्र, संजू, कर्मसिंह, अशोक, हरपाल, महावीर समेत भाकियू के सभी जिला व ब्लाक प्रधान और किसान मौजूद रहे।
आय दोगुनी करनी थी पर पहले से घटी : चढूनी
महापंचायत में सवा बारह बजे किसान नेता गुरनाम चढ़ूनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि बीते आठ साल में गन्ने के रेट में दो प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है। जबकि गन्ने की लागत सात प्रतिशत बढ़ चुकी है। सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी, लेकिन गन्ने के रेट न बढ़ने से किसानों की आय घट चुकी है। गन्ने का रेट बढ़ाने के लिए किसान छह दिन से कड़ाके की सर्दी में कई दिनों से सड़कों पर धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार जायज मांग को पूरा नहीं कर रही।
एसडीएम वापस भेजे, उपायुक्त से की वार्ता
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 12:46 बजे मंच से प्रशासन को आधा घंटे का समय देकर शासन से बात करने और अपने निर्णय से अवगत कराने की बात कही। जिसके बाद एसडीएम अभिनव मेहता मंच पर पहुंचे और उनकी बात को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, लेकिन चढ़ूनी उपायुक्त को मौके पर बुलाने और केवल उनसे ही बात करने पर अड़ गए। इसके बाद करीब दो बजे डीसी का संदेश आया। जिस पर सभी 14 चीनी मिलों के प्रतिनिधि और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मार्केट कमेटी कार्यालय में करीब एक घंटे तक डीसी अनीश यादव से वार्ता की।