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कलयुग में आराध्य का कीर्तन अनिवार्य : पीयूष मुनि

Tue, 21 Mar 2023 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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करनाल। श्री आत्म मनोहर जैन आराधना मंदिर इंद्री रोड में श्री घंटाकर्ण महावीर देवता का विशेष कृपा दिवस मनाया गया। जिसमें सबसे पहले श्री घंटाकर्ण बीजमंत्र का सामूहिक जाप किया गया। इस अवसर पर मुनि संयमेश, साध्वी जागृति ने नाम है जिसका तारणहारा कब उनका दर्शन होगा भजन गाया। उपप्रवर्तक पीयूष मुनि महाराज ने कहा कि कलयुग वैसे तो सभी प्रकार से दोषमय है परंतु इसकी एक विशेषता यह है कि इसमें केवल अपने इष्ट-आराध्य के कीर्तन तथा स्तवन से व्यक्ति आशक्ति के चंगुल से छूटकर परमपद को प्राप्त करता है।
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इसी शृंखला में पवन जैन, सरिता जैन, रूपा ने जिसकी प्रतिमा इतनी सुंदर वह कितना सुंदर होगा। जब से यह घंटे वाला मेरा फ्रेंड हो गया, तब से मेरे दुखों का दी एंड हो गया भजन गाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। सुधा जैन, राशि जैन ने दे दे थोड़ा प्यार दादा तेरा क्या घट जाएगा यह बालक भी तर जाएगा आदि भजनों ने सभी का मन मोह लिया। इस मौके पर उपप्रवर्तक पीयूष मुनि महाराज ने कहा कि वही व्यक्ति सर्वोत्तम भक्त है जो सभी प्राणियों में परमात्मा स्वरुप का दर्शन करता है और हर छोटे-बड़े प्राणी को परमात्मा का अंश मानता है। कलयुग में प्रभु नाम ही संसार सागर से तिराने वाली नौका है, जिसके अलावा अन्य कोई निस्तार नहीं है। जन हितैषी देवता हैं जिनके अनुकूल होने पर सारी तकलीफें काफूर हो जाती हैं और जीवन पथ गुलाब की पंखुड़ियों की तरह सुकोमल तथा सुगमता से चलने योग्य बन जाता है। अंधेर पक्ष की चतुर्दशी श्री घंटाकर्ण देव को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाकर अपने जीवन को सुख-संपन्न बनाने का विशेष अवसर है जिस दिन देव दरबार में हाजिरी लगाकर अपना कुशल-मंगल, आनंद-क्षेम सुनिश्चित किया जा सकता है। बारिश की प्रतिकूलता के बावजूद भारी संख्या में भक्तजन आस-पास तथा दूरदराज के इलाकों से अपनी भक्ति-भावना दर्शाते हुए दरबार में हाजिरी भरने आए।
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