शहर के जूता व्यापारी महेश सरदाना के बेटे केतन सरदाना के अपहरण के मामले
में सीआईए-वन स्टाफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अपहरणकर्ता गिरोह
के बाकी तीनों सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
इनमें से दो पानीपत के
रहने वाले हैं तो तीसरा आरोपी करनाल का ही है। तीनों को अदालत में पेश किया
गया, जहां से उन्हें सात जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। गिरोह
के सरगना पानीपत निवासी पंकज को पुलिस 23 मई को गिरफ्तार कर चुकी है।
एसपी
अभिषेक गर्ग ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए डीएसपी जोगेंद्र राठी
के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। इस टीम ने 23 मई को साइबर तकनीक और
समझदारी बरतते हुए फिरौती की रकम लेने आए पानीपत निवासी पंकज को पैसों के
साथ गिरफ्तार किया था।
इसी दिन केतन को सेक्टर चार क्षेत्र से पुलिस ने
बरामद कर लिया था। गिरोह के सरगना पंकज को रिमांड पर लिया गया था। इसके बाद
सीआईए स्टाफ-1 पुलिस ने तीन और आरोपियों देवी मंदिर कॉलोनी पानीपत निवासी
हिमांशु उर्फ हन्नी, मेन बाजार निवासी विजय उर्फ कालिया उर्फ राजकुमार और
गांधी नगर करनाल निवासी सुनील उर्फ जोनी को टोल प्लाजा करनाल के पास से
गिरफ्तार किया है।
तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को अदालत में पेश
किया गया, जहां से उन्हें सात जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
सामान और गाड़ी बरामद करना बाकी
रिमांड
के दौरान पुलिस पकड़े गए चारों अपहरणकर्ताओं से केतन का सामान, वारदात में
इस्तेमाल की गई गाड़ी की बरामदगी करेगी। बता दें कि आठ मई को इन चारों
अपहरणकर्ताओं ने केतन सरदाना का उस समय अपहरण कर लिया था, जब वह अपनी दुकान
पर जा रहा था। उसे करनाल के ही पॉम रेजिडेंसी में रखा गया और उसका मोबाइल
लेकर दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ सहित कई शहरों में केतन के परिजनों को फिरौती
के लिए फोन करते रहे।