करनाल। घंटाकर्ण महावीर तीर्थस्थान इंद्री रोड पर महाप्रभावी श्री घंटाकर्ण महावीर देवता के विशेष कृपा दिवस, कृष्ण चौदस पर कार्यक्रम हुआ। इसमें मुनि संयमेश ने गुरु वचनों को रखना संभाल के, इक-इक वचन में गहरा राज है, जिसने जानी है महिमा गुरु की, उसका डूबा कभी ना जहाज है... भजन गाया। साध्वी जागृति ने जीवन की रुलाती घड़ियों में मिलता है तुम्हारा प्यार मुझे, कुछ चाह न बाकी रहती है दादा आके दरबार तेरे में... भजन गाकर सभी का ध्यान खींचा। पुष्पा गाेयल ने मुझे कौन पूछता था तेरी बंदगी से पहले मैं खुद को ढूंढता था, तेरी बंदगी से पहले भजन गाकर दादा को याद किया।
वहीं जयपाल सिंह ने मांगा है मैंने बाबा से वरदान एक ही, तेरी कृपा बनी रहे जब तक है जिंदगी.... भजन गाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। सरिता जैन ने प्रभु की महिमा का गुणगान किया। कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए पीयूष मुनि महाराज ने कहा कि भक्ति निष्काम होने पर ज्यादा फलदायिनी होती है। जैसे मां संतान पर अपना वात्सल्य भाव उड़ेलती है, वैसे ही परमात्मिक शक्तियां अपने भक्तों को निहाल करती हैं। देवी शक्ति अप्रतिम शक्तियों से असंभव को भी संभव कर देती है। श्री घंटाकर्ण कृपानिधान भक्तों पर वात्सल्य बरसाने वाले देवता हैं जो सबको निहाल तथा मालामाल करते हैं। इनके उपासक का कोई विपत्ति कुछ बिगाड़ नहीं पाती और सभी अनुकूलताएं चुंबकीय आकर्षण से उसकी ओर खींची आती हैं। कार्यक्रम में सोनीपत के मेयर राजीव जैन और पूर्व मंत्री कविता जैन मौजूद रहीं।