जयपुर की गुलाबी नगरी की तर्ज पर कर्ण नगरी करनाल की भी विशेष पहचान होगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक-दूसरे से जुड़े शहर के चार मुख्य बाजारों को इसमें शामिल किया गया है, जिसमें विशेष रंग के अलावा हर दुकान और शोरूम के बाहर का प्रारूप एक जैसा ही बनाया जाएगा। प्रोजेक्ट को सरकार से हरी झंडी मिल चुकी है। अब स्थानीय स्तर पर बाजार की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन तैयार किया जाएगा। इसमें सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं का भी ध्यान रखा जाएगा। इसी आधार पर प्रोजेक्ट पर आने वाले खर्च का ब्यौरा भी बनाया जाएगा।
प्रशासन की ओर से एबीडी यानी एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत शहर की मध्य में स्थित चार बाजार कुंजपुरा रोड(भगवान परशुराम चौक से ट्रैफिक पुलिस बूथ तक), पुरानी सब्जी मंडी रोड(ट्रैफिक पुलिस बूथ से महर्षि वाल्मिकी चौक तक), बस स्टैंड रोड(महर्षि वाल्मिकी चौक से महात्मा गांधी चौक) और सरकारी अस्पताल रोड(महात्मा गांधी चौक से भगवान परशुराम चौक तक) को विशेष प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। इन मार्गों में शामिल बाजारों में करीब 900 के आस-पास शोरूम और दुकानें हैं, सभी को नया लुक दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट के तहत हर दुकान और मार्केट का रंग और नक्शा यानी बाहरी प्रारूप एक जैसा होगा। दूर से सभी दुकानें एक जैसी दिखाई देने से शहर की सुंदरता बढ़ेगी। वहीं एक रंग होने के कारण करनाल की उसी रंग की नगरी कहे जाने से भी विशेष पहचान बनेगी। ट्रैफिक जाम से राहत के लिए भी व्यवस्था होगी।
दुकानदारों से भी खर्च में सहयोग लेने का बना रहे विचार
प्रोजेक्ट का डिजाइन तय होने के बाद इसे लेकर चयनित बाजारों की एसोसिएशन के साथ भी प्रशासन बैठक करेगा, जिसमें प्रोजेक्ट पर आने वाले कुल खर्च पर चर्चा होगी, साथ ही उनके विचार और सुझाव भी लिये जाएंगे। इस चर्चा के दौरान दुकानदारों से भी इसमें आने वाले खर्च का कुछ हिस्सा लिये जाने का विचार है।
20 करोड़ से केबल अंडरग्राउंड के लिए जल्द शुरू होगा काम
इस प्रोजेक्ट से पहले इन्हीं बाजारों में सेंट्रल बिजनेस डेवलपमेंट (सीबीडी) के तहत बिजली की केबल को अंडरग्राउंड करने की योजना प्रशासन की ओर से पहले ही बनाई जा चुकी है। इसके लिए भी गत दिनों बिजली निगम के साथ बैठक कर चर्चा की गई थी। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बाजारों के कुल 6.4 किलोमीटर क्षेत्र में तारें अंडरग्राउंड करने का कार्य होगा।
स्मार्ट सिटी के तहत सरकार और बोर्ड आफ डायरेक्टर्स से इस प्रोजेक्ट को अनुमति मिल चुकी है। अब इस पर स्थानीय स्तर पर बैठक कर चर्चा करेंगे। इससे पहले प्रोजेक्ट का डिजाइन और उसी आधार पर खर्च का इस्टीमेट तैयार किया जाएगा। -निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।