माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा सरकार का बजट पेश करने की तैयारी है। इससे कर्णनगरी को भी कई अपेक्षाएं हैं, इनमें सबसे प्रमुख है करनाल में फार्मा पार्क की स्थापना। शहर में उभरती फार्मा इंडस्ट्री को फार्मा पार्क बनने उड़ान मिल सकती है।
इसके अलावा कई परियोजनाएं ऐसी भी हैं, जो पहले से संचालित हैं, उन्हें पूरा करने के लिए भी बजट में व्यवस्था हो सकती है। करनाल में फार्मा पार्क को विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में भी शामिल किया था। ऐसा पहली बार हुआ था कि फार्मा इंडस्ट्री के उत्थान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले फार्मा पार्क को संकल्प पत्र में जगह मिली थी। क्योंकि ये मुद्दा पिछले कई सालों से कर्णनगरी में बना हुआ है।
इसके साथ साथ भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में करनाल जिले में एक औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित करने व करनाल-यमुना नगर के बीच नई रेलवे लाइन के निर्माण में तेजी लाने की बात कही है। वैसे तो ये मुद्दा कहीं न कहीं केंद्र सरकार से जुड़े हैं।
वहीं पिछले महीने हरियाणा फार्मास्युकिल मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष आरएल शर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने ये मांग रखी थी, जिसमें उन्होंने फार्मा पार्क को राज्य सरकार की ओर से गति देने की बात कही थी। इसलिए ये उम्मीद की जा रही है कि इस बजट में फार्मा पार्क के लिए बजट आदि की व्यवस्था हो सकती है।
फार्मा पार्क, करनाल में फार्मा हब के रूप में विकसित हो रही फार्मा इंडस्ट्री से सीधे तौर पर जुड़ा है। इसकी घोषणा वर्ष 2017 में केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री अनंत कुमार ने मुरथल में आयोजित एक बैठक में की थी। फार्मा पार्क करीब 100 एकड़ भूमि पर बनने वाली लगभग 1800 करोड़ रुपये की परियोजना है।
इसके बाद 2021 में मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री रहते हुए हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दे दी थी। केंद्र सरकार की ओर से भूमि अधिगृहण के लिए मुआवजा तय न करने के कारण परियोजना लटकी है। अब करनाल के सांसद मनोहर लाल केंद्र सरकार का अहम हिस्सा हैं, जिससे उम्मीद का बढ़ना भी स्वाभाविक ही है।
फार्मा पार्क से क्या होगा लाभ ः वहीं आरएल शर्मा का कहना है कि फार्मा पार्क (फार्मुलेशन) बनने से करनाल की फार्मा इंडस्ट्री को उड़ान मिल जाएगी। सैकड़ों बड़ी फैक्टरियां लगेंगी, विदेशी व देसी सभी खरीदारों को एक ही स्थान पर सैकड़ों दवा कंपनियों की दवाइयां मिल जाएंगी। करनाल में लोगों की आवाजाही बढ़ेगी तो स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।