कैथल रोड स्थित जीवन नगर की रहने वाली गुंजन 9 वर्षों से योगाभ्यास कर रही है। इस दौरान आंधी और तूफान भी आए, लेकिन गुंजन का हौसला नहीं टूटा। ये मेहनत का ही परिणाम है कि आज गुंजन की झोली में ढेरों मेडल अपनी चमक बिखेर रहे है। गुंजन पिछले 4 सालों से जिलास्तर पर प्रथम पायदान पर है। गुंजन ने अबतक 10 गोल्ड मेडल. 8 सिल्वर व 2 ब्रांज मेडल अपने नाम किए है।
10 साल की उम्र में छूट गया था पिता का हाथ
जब गुंजन 10 साल की थी तब पिता का देहांत हो गया। घर की जिम्मेदारी मां ने संभाली। परिवार में गुंजन की चार बहनें और है। मां ने ही सभी बहनों को जीने की राह दिखाई। गुंजन के मुताबिक मां के बताए नक्शे कदम पर चलकर ही वो आगे बढ़ी है और आज इस मुकाम पर पहुंची है कि हर मंजिल आज छोटी लगने लगी है।
चार सालों से कायम है योगा में दबदबा
गुंजन अब तक यूथ अफेयर्स में लगातार 4 सालों से योगा फेडरेशन ऑफ इंडिया में चौथा स्थान जबकि यूथ अफेयरश में प्रथम स्थान हासिल करती आ रही है। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में डीएवी महिला महाविद्यालय से गुंजन ने फिजिकल एजूकेशन की पढ़ाई की है और यमुनानगर से योगा का डिप्लोमा कर रही है।
5 से 6 घंटे करती है अभ्यास
गुंजन रोजाना 3 घंटे सुबह और 3 घंटे शाम को योगाभ्यास कर रही है। वह कर्ण स्टेडियम में योगा कोच लवलीन गाब से योगा की बारीकियां सीख रही है। गुंजन का लक्ष्य अगले माह होने वाली यूथ अफेयर्स और योगा फेडरेशन ऑफ इंडिया की प्रतियोगिताओं में गोल्ड जीतना है।