करनाल। पारा चढ़ने से गर्मी बढ़ने पर उमस से बेचैन लोग एसी और कूलर का सहारा ले रहे हैं। कई जगह धान रोपाई का कार्य भी चल रहा है। इन सभी कारणों से जिले में बिजली का लोड करीब 24 लाख यूनिट प्रतिदिन तक बढ़ा है। ऐसे में शहर और गांव में हर घर या ट्यूबवेल तक बिजली आपूर्ति के लिए लगे ट्रांसफार्मर हाथ खड़े करने लगे हैं। ऐसे में बिजली लोड के साथ लोगों का गुस्सा भी बढ़ा है। हालांकि शनिवार को मौसम बदलने से लोगों ने राहत की सांस ली। दो दिन पूर्व शहर के पॉश इलाका पार्श्वनाथ सिटी, बसंत विहार, सदर बाजार, सेक्टर-13 और लाइन पार क्षेत्र की कुछ गलियों में बिजली कट होने से हाहाकार मचा था। पार्श्वनाथ सिटी के लोगों ने तो प्रदर्शन भी किया था।
बिजली का लोड बढ़ने से बिजली निगम के विभिन्न स्टेशन पर रोजाना ट्रांसफार्मर फुंकने की शिकायतें आ रही है। इन्हें बदलने में भी काफी समय लगता है। ऐसे दिन रात बत्ती गुल होने से जनजीवन इन दिनों पूरी तरह से प्रभावित है। हालांकि बिजली निगम 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रहा है लेकिन हकीकत यह है कि 10 से 15 घंटों तक लाइट न आने से लोग दिन में न तो ढंग से खाना खा पाते हैं और न ही रात में सो पाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में खेतों में बने डेरों पर भी बिजली संकट गहराया है। यहां रात को बिजली गुल रहने से डेरों पर मच्छरों का आतंक बना रहता है। किसानों की मांग है कि डेरों-ढाणियों पर 24 घंटे बिजली दी जाए। वहीं विद्युत निगम का दावा है कि निर्धारित शेड्यूल के अनुसार निर्बाध बिजली सप्लाई दी जा रही है।
10 जून : पिछले साल 84 लाख खपत, इस बार 108 दर्ज
बिजली की ज्यादा खपत पिछले साल 15 जून के बाद बढ़ी थी। तब धान रोपाई का कार्य शुरू हुआ था लेकिन इस बार मनाही के बावजूद भी धान रोपाई जोरों पर है। गत वर्ष 10 जून को 84 लाख यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई थी। जबकि इस साल 10 जून को 108 लाख यूनिट यानी 24 लाख यूनिट अधिक बिजली की खपत हुई। जिले में तीन दिन पूर्व एक दिन में 89 लाख यूनिट बिजली खपत का आंकड़ा रहा। 10 जून के बाद आंधी तूफान के कारण बिजली लाइनें प्रभावित हुईं तो 11 जून को 75 लाख यूनिट खपत रही। जबकि पिछले साल इन दिनों में बिजली खपत का आंकड़ा 84 लाख से 97 लाख यूनिट तक ही था। 15 जून को ही 105 लाख यूनिट बिजली खपत हुई थी।
इस दिन रही इतनी बिजली खपत..
जून 2020
तिथि बिजली खपत (यूनिट प्रतिदिन)
10 जून 84 लाख
11 जून 83 लाख
12 जून 97 लाख
13 जून 88 लाख
14 जून 87 लाख
15 जून 105 लाख
16 जून 113 लाख
20 जून 155 लाख
30 जून 153 लाख
तीन जुलाई 169 लाख
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जून 2021
तिथि बिजली खपत (यूनिट)
8 जून 89 लाख
9 जून एक करोड़
10 जून 108 लाख
11 जून 75 लाख
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अधिक लोड में गरमा जाते हैं तार
गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ी है। एक-एक घर में चार से पांच तक वातानुकूलित यंत्र लग चुके हैं। गर्मी में लोड से बिजली के तार गर्म हो जाते हैं। स्मार्ट सिटी होने के कारण शहर में विकास के कार्य भी हो रहे हैं, जिसके चलते कई बार बिजली कट लगाने पड़ते हैं। नई लाइनें बिछाते समय दिक्कत आती रहती है। शीघ्र ही एसई से बैठक कर केंगे सुधार के प्रयास करेंगे।
-कर्ण कुमार शर्मा, प्रधान, सिटीजंस ग्रिवेंसिज कमेटी, विद्युत एवं दूरभाष इकाई।
अंधेरे में डूबे रहते हैं डेरे-ढाणियां
खेतों में बने डेरे-ढाणियों पर बिजली का भारी संकट है। डेरों पर सप्ताह में बिजली के वार बदलते हैं। दिन में सुबह छह से 12 बजे तक व शाम को पांच से सात बजे तक लाइट चलती है। उसके एक घंटे बाद आठ बजे से 12 बजे तक लाइट आएगी। फिर पूरी रात अंधेरा छाया रहेगा। झींडा गांव में ही डेरों पर 24 बिजली मीटर लगे हैं। रात को डेरों पर अंधेरा छा जाता है। मच्छरों का आतंक झेलते हैं।
-जोगिंद्र सिंह झींडा, असंध ब्लॉक अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।
विद्युत निगम ने धान रोपाई सीजन को लेकर तैयारी पूरी कर रखी है। जिले में बिजली की कोई कमी नहीं। दो दिन पहले तूफान के कारण जो फाल्ट आए थे, उन्हें तुरंत दूर करवा दिया गया। अब कहीं कोई फाल्ट या दिक्कत नहीं है।
-सुधाकर तिवारी, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम करनाल।
पश्चिमी हवाओं से राहत की उम्मीद, अब कई दिन बूंदाबांदी व बादलवाई
करनाल। शनिवार को सुबह करीब 11 बजे शहर में बरसात हुई। करीब 10 मिनट तक बरसे पानी से गर्मी से कुछ राहत मिली। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार, 16 जून तक हवाओं के साथ हल्की मध्यम बारिश की संभावना एवं बाद में मौसम परिवर्तनशील संभावित रहेगा।
शनिवार को अधिकतम तापमान 34.0 व न्यनतम 24.9 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी सुबह 80 प्रतिशत व दोपहर को 64 प्रतिशत रही। वाष्प दाब 23.3 एमएम रहा। एक दिन पूर्व शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.0 व न्यूनतम 21.6 डिग्री सेल्सियस था। पिछले साल 12 जून को अधिकतम तापमान 39.0 व न्यूनतम 27.0 डिग्री सेल्सियस था।
एनडीआरआई के केवीके स्थित कृषि मौसम सेवा इकाई के अनुसार, अब अधिकतम तापमान 30 से 36 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 20 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। कई बार हवा की गति 9.5 से 15.3 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। प्री-मानसून अभी नहीं आया। पश्चिमी हवाओं के इस दिशा में मुड़ने से यह वर्षा की संभावना बनी है। पुर्वाई हवा के नमी लेने की वजह से ऐसी बारिश होती रहती है। अनुमान है कि 27 जून के आसपास मानसून आ जाएगा। -संवाद