करनाल। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 मार्च से 12 से 14 वर्ष की आयु वाले बच्चों का कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण शुरू किया गया था लेकिन टीकाकरण की रफ्तार काफी धीमी है।
हालांकि इसका कारण जानने के लिए अभिभावकों और बच्चों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इन दिनों परीक्षा चल रही हैं, टीका लगाने के बाद अक्सर बुखार आ जाता है, परीक्षा में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो इसलिए फिलहाल टीका नहीं लगवा रहे हैं। परीक्षा के बाद ही टीकाकरण कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण कराने में करनाल दूसरे और गुरुग्राम पहले स्थान पर है। शुक्रवार को 119 के ंद्रों पर 2693 लोगों ने टीका लगवाया जिनमें 12 से 14 वर्ष के 1861 बच्चे शामिल हैं।
2293164 को लग चुकी डोज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक 2293164 कोरोना की डोज लग चुकी है। जिसमें 1286319 पहली, 992890 दूसरी और 13955 बूस्टर डोज शामिल हैं। वहीं, 15 से 18 वर्ष की आयु वालों को 102655 और 12 से 14 वर्ष की आयु वालों को 14124 डोज लग चुकी है।
कोरोना का टीका लगवाने के लिए इंतजार कर रही थी। अब टीका लगवाकर खुद को महामारी से सुरक्षित महसूस कर रही हूं।
- मानसी
परीक्षा के चलते कहीं बुखार न आ जाए इसलिए थोड़ा डर लग रहा था पर अब टीकाकरण के बाद सुरक्षित महसूस कर रही हूं।
- दीपांशी
मैंने कोरोना के टीके की पहली डोज लगवा ली है। अब खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। अब दूसरी डोज का इंतजार रहेगा।
- परिज्वल
वैक्सीन लगवा कर खुद को कोरोना से सुरक्षित रखने का प्रयास किया है। जो भी टीका लगाने के योग्य हैं वे जल्द टीकाकरण करवाएं।
- तनू
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। बच्चों के टीकाकरण में करनाल दूसरे स्थान पर है। अभिभावकों से अपील है कि बच्चों का जल्द टीकाकरण करवाएं।
डॉ. योगेश शर्मा, सिविल सर्जन, करनाल