हेडिंग : 16 करोड़ में बनाए 264 फ्लैट, छह साल बाद भी नहीं मिला खरीदार
सबहेड : सेक्टर 14 पार्ट-2 में एचएसवीपी ने बनवाए थे फ्लैट, झोपड़ियों में रहने वालों को नीलामी में दी जानी है प्राथमिकता
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की सिर्फ दो स्थानों पर ही करोड़ो रुपये की कीमत वाली जमीन पर करीब सात सौ परिवारों बसे हैं। जिसे एचएसवीपी अनाधिकृत अतिक्रमण बता रहा है। वहीं दूसरी ओर
देव शर्मा
करनाल। छह साल पहले करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से एचएसवीपी द्वारा बनाए गए 264 फ्लैटों का आज तक कोई खरीदार ही नहीं मिला है। हालांकि एचएसवीपी चाहता है कि उसकी जमीन पर झुग्गी झोपड़ी बनाकर जमे करीब सात सौ परिवार इन फ्लैटों में चले जाएं। ताकि इन परिवारों को भी घर मिल जाएगा और एचएसवीपी की जमीन खाली हो जाएगी। इसलिए फ्लैट की नीलामी में इन परिवारों को प्रथम वरीयता देने की योजना है, लेकिन इनमें से कोई भी परिवार अपनी झोपड़ी छोड़कर फ्लैट में जाने को तैयार नहीं है। पिछले दिनों फ्लैट नीलामी प्रक्रिया में इनमें से किसी भी परिवार ने आवेदन नहीं किया है। अब एचएसवीपी एक बार फिर नीलामी के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
न्यायालय ने दिए थे बसाने के निर्देश
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-12 की भूमि अवार्ड नंबर 17 के तहत 2.5 एकड़ जमीन 1989 में अधिगृहीत की थी। लेकिन काफी समय तक खाली रही तो वहां वाल्मीकि बस्ती बन गई। एचएसवीपी के अधीक्षक सुशील भारद्वाज ने बताया कि जब यह भूमि खाली कराने की बात हुई तो आरडब्ल्यूए ने न्यायालय में रिट दायर कर दी। न्यायालय ने अतिक्रमण हटाकर भूमि खाली कराने का आदेश तो दिया, साथ ही इन्हें बसाने की जिम्मेदारी भी दी। 2013 में सर्वे कराया तो 259 परिवार बस्ती में मिले। इनके लिए सेक्टर 14 पार्ट 2 में आशियाना योजना के तहत करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से 264 फ्लैट बनाए गए। 2015-16 में फ्लैट बनकर तैयार हो गए। लेकिन वाल्मीकि परिवारों ने इन फ्लैटों को लेने से इनकार करते प्लाट (भूमि) की मांग की। इसके बाद सेक्टर 16 में दो दो मरले के प्लाट आवंटित किए गए।
आवेदन तिथि बढ़ाने का प्रस्ताव
एडीसी की अध्यक्षता में 2020 में सर्वे कराया तो सेक्टर 32 में 341 परिवार मिले, जिन्होंने करीब पांच एकड़ भूमि पर झुग्गी झोपड़ी बना ली हैं। अब यह प्रस्ताव दिया गया कि जब सेक्टर 12 के वाल्मीकि परिवारों ने फ्लैट नहीं लिए तो सेक्टर 32 के लोगों को यही फ्लैट नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर दे दिए जाएं। अब 264 फ्लैट बनाने का प्रस्ताव भेजा गया। सरकार ने स्कीम निकाल दी। 26 मई-2021 तक आवेदन मांगे गए थे। लेकिन किसी ने आवेदन नहीं दिया है। लेकिन यहां के लोग भी 264 फ्लैट लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसलिए आवेदन मांगने की तिथि को बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। कुल मिलाकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की कई एकड़ जमीन पर अनाधिकृत कब्जा हो गया है। अब एचएसवीपी अपनी जमीन खाली नहीं करा पा रहा है। वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये की लागत से आशियाना के तहत तैयार किए गए 264 फ्लैट कोई लेने को तैयार नहीं है।
कोई फ्लैट छोटा बता रहा, कोई एरिया बता रहा ठीक नहीं
-सेक्टर 14 पार्ट-2 में 264 फ्लैट छह साल से बनकर तैयार हैं लेकिन उन्हें कोई लेने को तैयार नहीं हो रहा है। कोई फ्लैट को छोटा बता रहा है तो कोई एरिया को ठीक नहीं बता रहा है। वाल्मीकि बस्ती के परिवार सेक्टर 12 को छोड़ने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि यह पॉश एरिया है। लेकिन इस कालोनी में जिन लोगों ने प्लाट लेकर अपनी कोठियां बनाई हैं, वे एचएसवीपी पर अपने फ्लैट के आगे से झुग्गी झोपड़ी हटवाने का दबाव बनाते हैं।
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-एचएसवीपी ने सेक्टर 14 पार्ट 2 में फ्लैट बनाए हैं, इनकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसकी अंतिम तिथि 26 मई 2021 थी। ऐसा नहीं है कि वे फ्लैट लेना नहीं चाहते, लेकिन लॉकडाउन होने के कारण लोग आ-आक्शन में सहभागिता नहीं कर सके। इसलिए अब दोबारा नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तिथि बढ़ाने के लिए प्रस्ताव हेड ऑफिस भेजा गया है।
-सुशील भारद्वाज, अधीक्षक हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण करनाल। (फोटो)
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