गांव गोगड़ीपुर के युवक राकेश की रूस में इसी वर्ष मई में मौत हो गई थी।
वह करीब सवा साल पहले घर से गया था और तभी से उससे परिजनों का संपर्क नहीं
हो पाया। मगर सोमवार को पुलिस जांच के दौरान युवक की मौत का समाचार परिजनों
तक पहुंचने से उन पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
दुखद जानकारी मिलने पर गांव
में मातम पसर गया। राकेश के अंतिम दर्शन भी नहीं कर सके परिवारवालों ने
सोमवार को ही उसकी रस्म क्रिया की। युवक की मौत के कारण का पता नहीं चला है
और शव कहां है या नहीं, इसके बारे में पीड़ित कुछ नहीं जानते। पुलिस
के मुताबिक गोगड़ीपुर के राकेश (28) की मौत मई में रूस में हो चुकी थी।
उसके शव के पास मिले पासपोर्ट के आधार पर भारतीय दूतावास को सूचना दी गई।
समस्त कागजी कार्रवाई के बाद पांच महीने बाद करनाल पुलिस को रविवार को उसके
बारे में जानकारी दी गई। पुलिस जांच में पता चला कि मरने वाला युवक राकेश
गांव गोगड़ीपुर का निवासी था। गोगड़ीपुर गांव के पीड़ित नरेश ने बताया कि
उसका भाई राकेश वर्ष 2014 में बालाजी जाने की बात कहकर गया था। वह रूस कैसे
पहुंचा इसके बारे में उनको जानकारी नहीं है। उसको ढूंढने की काफी कोशिश
की, लेकिन वह नहीं मिला। इस प्रकार एंबेसी के संपर्क करने पर पासपोर्ट के
जरिये सोमवार को उसकी शिनाख्त की गई। राकेश का दो साल का बेटा हनी है।
युवक की शिनाख्त हो गई : पुलिस
सोमवार
को सदर थाना पुलिस से जांच अधिकारी नरेश कुमार उसकी शिनाख्त के लिए
पहुंचे। नरेश कुमार ने बताया कि उनको मिले कागजों के मुताबिक राकेश की मौत
इस वर्ष मई में हो चुकी थी। सदर थाना पुलिस ने युवक की शिनाख्त कर कागजात
वापस सिक्योरिटी ब्रांच में भेज दिया है।