करनाल। सूरज की बढ़ती तपिश त्वचा रोगियों की समस्या बढ़ा रही है। झुलसाने वाली धूप से अस्पतालों में सन बर्न (धूप में त्वचा का झुलस जाना), स्किल ड्रायनेस और एलर्जी के मरीज बढ़ गए हैं। नागरिक अस्पताल में पिछले पांच दिनों के आंकड़े यही बता रहे हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एस सिंघाल ने बताया कि रोजाना ओपीडी में करीब 25 से 30 त्वचा रोग के मरीज आ रहे हैं। तेज धूप में बाहर निकलने पर हाथ, गर्दन, चेहरे और खुले हिस्सों पर लाल दाने, खुजली, चकत्ते और सूखेपन की शिकायतें बढ़ी हैं।
जिन लोगों को पहले से कोई त्वचा रोग हैं, वे तेज धूप में जाने पर ज्यादा परेशान हो जाते हैं। ऐसे मरीजों को डॉक्टर सनस्क्रीन लगाकर ही धूप में बाहर निकलने की सलाह दे रहे हैं। दरअसल, गर्मी के कारण शरीर के कई हिस्सों में जमा होने वाले पसीने से वहां वैक्टीरिया (एसपरिगिलोसिस) पैदा हो जाते हैं, जो फंगल इंफेक्शन का कारण बनते हैं। इन्हीं से खुजली शुरू हो जाती है। इससे लाल चकत्ते पड़ जाते हैं और दाने निकलने लगते हैं। सामान्य तौर पर यह जानलेवा नहीं होते लेकिन समय से उपचार न होने पर यह बहुत तकलीफदेह बन जाते हैं। ऐसे में सूती कपड़े पहनना फायदेमंद होता है।
स्किन ड्रायनेस से लाल हो रही त्वचा, साबुन का प्रयोग करें कम
डॉ. एस सिंघाल ने बताया कि सर्दियों की तरह ही गर्मियों में भी त्वचा ड्राय होती है। दरअसल, लोग नहाने के बाद त्वचा को अच्छे से पोंछे बिना ही कपड़े पहन लेते हैं। इसके बाद तेज धूप में निकलते हैं। गीलेपन से खुलजी होती है और त्वचा लाल होकर जलन करने लगती है। इसी प्रकार ज्यादा साबुन लगाने से भी त्वचा रूखी होती है और सूरज की किरणें उसे नुकसान पहुंचाती हैं। इसी कारण साबुन का कम प्रयोग करना चाहिए।
ज्यादा पानी पीना रहता है फायदेमंद
गर्मी शुरू हो गई है इसलिए दिनभर में कम से कम 6 से 7 लीटर तक पानी पीना चाहिए। इससे त्वचा हाइड्रेटिड रहती है और रूखी नहीं पड़ती। जितने भी मरीज आ रहे हैं वे जरूरत के हिसाब से पानी नहीं पीते। इस वजह से उनकी त्वचा पर सूरज की किरणों का असर होता है। मरीजों को स्किन बर्न की समस्याएं भी हैं। स्किन बर्न से त्वचा पर काले निशान होते हैं और फिर लाल दाने हो जाते हैं इसलिए धूप में बाहर निकलें तो सनक्रीम लगा कर ही निकलें।
क्या करें
1. मुंह और सिर अच्छी तरह ढककर ही धूप में निकलें
2. शुष्क त्वचा पर साबुन आदि का प्रयोग कम से कम करें
3. धूप से एलर्जी हो तो सनस्क्रीन लगाकर ही बाहर निकलें
4. पानी और पेय पदार्थों का लगातार इस्तेमाल करते रहें