करनाल। जिले में ब्लैक फंगस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को ब्लैक फंगस के छह नए मामले सामने आये हैं और दो की मौत हो गई है। जिले में ब्लैक फंगस से मरने वालों का आंकड़ा 40 तक पहुंच गया है, जबकि 153 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं कोरोना के 19 नए संक्रमित मिले हैं और दो मरीजों की जान चली गई है।
करनाल में एक ओर जहां कोरोना संक्रमण कम हो रहा है, वहीं ब्लैक फंगस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सबसे बड़ी संख्या ब्लैक फंगस में लगने वाले इंजेक्शनों की है, जिसकी कमी मरीजों और तीमारदारों पर भारी पड़ रही है। स्थिति यह है कि एक मरीज को एक दिन में चार इंजेक्शन की आवश्यकता होती है, लेकिन उसे कभी एक उपलब्ध हो पाते हैं तो कभी दो। वहीं अन्य मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। आसपास के जिलों से भी मरीजों को करनाल रेफर किया जा रहा है। ऐसे में फिलहाल यहां भर्ती मरीजों की संख्या 72 हो गई है, जबकि मेडिकल कालेज में 75 बेड का ही सेंटर बनाया गया है।
दूसरी ओर राहत की बात है कि कोरोेना संक्रमण लगातार कम हो रहा है और इसका रिकवरी रेट बढ़ रहा है। शनिवार को भी जहां 19 नए संक्रमित हुए हैं, वहीं 71 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। अब रिकवरी रेट 97.76 प्रतिशत तथा मृत्यु दर 1.34 प्रतिशत है। विदित हो कि जिले में अभी तक 380793 लोगों के सैंपल लिये गये हैं। इनमें से 340948 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है 39707 की पॉजिटिव आई है। इसमें से 38821 मरीज ठीक होकर घर चले गए, जबकि 353 का इलाज चल रहा है और 533 की अभी तक मौत हो चुकी है।
नॉन आईसीयू के 377, आईसीयू के 181 बेड खाली
कोरोना के उपचार के लिए जिले में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त 25 प्राइवेट अस्पतालों व सीएचसी को अधिकृत किया गया है। जिले में 496 आक्सीजन सहित नॉन एसी बेड हैं। इनमें से 119 भरे हुए हैं तथा 377 बेड खाली हैं जबकि ऑक्सीजन सहित आईसीयू के 272 बेड हैं, जिनमें से 91 भरे हुए हैं तथा 181 खाली हैं।
ब्लैक फंगस के टीकों की डिमांड भेजी गई है : डीसी
ब्लैक फंगस को रोकने के लिए प्रशासन सजग है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। राज्य सरकार द्वारा ब्लैक फंगस की बीमारी को देखते हुए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं, किसी को पैनिक होने की जरूरत नहीं, लक्षण होने पर केसीजीएमसी में डाक्टरों से परामर्श लें। जिले में ब्लैक फंगस के लिए टीकों की डिमांड की गई है। जल्दी ही जिले में ब्लैक फंगस के टीके मिलने शुरू हो जाएंगे।
---निशांत कुमार, डीसी करनाल।