सेक्टर-16 के एक व्यापारी के कार्यालय में बुधवार को दिनदहाड़े मारपीट कर कार सवार चार लोगों ने अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ता व्यापारी से अपनी पेमेंट लेने आए थे। जब व्यापारी ने पेमेंट नहीं दी तो वे उसका अपहरण कर ले गए।
अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर में नाकेबंदी कर तीन घंटे में व्यापारी को मुक्त करा लिया। पुलिस ने अपहरण में इस्तेमाल कार सहित चारों आरोपियों को काबू कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस आरोपियों को वीरवार को अदालत में पेश करेगी। रमेश नगर निवासी देवेंद्र चौहान सेक्टर-16 में शिव ट्रेडर्ज के नाम से अपना व्यापार करते हैं। देवेंद्र चौहान को बाजरा बेच चुके व्यापारी उससे पेमेंट लेने आए थे, लेकिन पेमेंट नहीं मिलने पर चारों ने देवेंद्र से मारपीट कर उसे कार में डालकर अपने साथ ले गए।
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान आरोपियों को व्यापारी सहित नई अनाज मंडी से बरामद कर लिया। अपहरण कर्ताओं के चंगुल से छुड़वाने के बाद घायल व्यापारी का कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा में मेडिकल कराया गया।
देवेंद्र चौहान ने बताया कि पांच दिन पूर्व उत्तर प्रदेश निवासी जरीफ, सचिन और इरफान अपने करनाल के एक साथी पवन के माध्यम से करीब पांच लाख रुपये की कीमत का बाजरा बेचने के लिए दे गए थे।
उन्हें वीरवार शाम तीन बजे पेमेंट देने का इकरार किया गया था, लेकिन वे चारों वीरवार की सुबह ही दुकान पर पेमेंट लेने पहुंच गए। जब उन्हें कहा कि पेमेंट शाम को मिलेगी, तो उन्होंने मारपीट करनी शुरू कर दी।
देवेंद्र से मारपीट करते चाराें ने चौहान को अपनी स्विफ्ट डिजायर कार (यूपी 25 एवी 7621) में डाल लिया और फरार हो गए। देवेंद्र ने बताया कि चारों ने उसे कार में पैरों के नीचे दबा लिया और कार को सड़क पर घुमाते रहे।
देवेंद्र ने बताया कि वह नहीं जानता की उसे किस-किस स्थान पर घुमाते रहे। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को नई अनाज मंडी से काबू कर लिया।
दरवाजा बंद कर पीटा
देवेंद्र को मिलने आए रायपुर जाटान निवासी कृष्ण ने बताया कि जरीफ, इरफान, सचिन और पवन के आने पर देवेंद्र ने उसे उनके लिए चाय बनाने को कहा। कृष्ण ने बताया कि वह चाय बनाने के लिए कार्यालय के भीतर बनी रसोई में चला गया।
कुछ ही देर में मारपीट की आवाज सुनाई दी। रसोई का दरवाजा खोलना चाहा, लेकिन दरवाजा बंद था। काफी खटखटाने के बाद भी किसी ने दरवाजा नहीं खोला। कृष्ण ने बताया कि जब तक वह दरवाजा तोड़कर बाहर आया, तब तक चारों देवेंद्र चौहान को कार में लेकर फरार हो चुके थे।
कृष्ण ने शोर मचाकर क्षेत्र के लोगों को एकत्रित किया और वारदात की सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शहर में नाकेबंदी कर शहर में घेराबंदी कर दी।