कोरोना के सबसे ज्यादा गंभीर मामले करनाल में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस समय प्रदेश में सबसे ज्यादा गंभीर मरीजों की संख्या करनाल जिले में हैं। इनमें से कुछ ऑक्सीजन सपोर्ट तो कुछ वेंटीलेटर पर हैं। प्रदेश के किसी भी मेडिकल कालेज और अस्पताल में इतने गंभीर मरीज एक साथ दाखिल नहीं हैं, जितने की कल्पना चावला मेडिकल कालेज में हैं। यहां तक कि वेंटीलेटर पर मरीजों की संख्या के मामले में करनाल ने गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहर भी पीछे छोड़ दिया है। इसी कारण करनाल में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
इस समय मेडिकल कालेज में 64 मरीज गंभीर की श्रेेणी में हैं। इनमें 49 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, 15 को वेंटीलेटर पर रखा है। यह आंकड़ा पंचकूला और फरीदाबाद के बाद पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा है। वैसे फरीदाबाद के अलग-अलग सात अस्पतालों में 88 लोग आक्सीजन सपोर्ट पर हैं और 6 वेंटीलेटर पर। पंचकूला के पांच अलग-अलग अस्पतालों में भी 62 लोगों को आक्सीजन दी जा रही है, जबकि 6 लोग वेंटीलेटर पर हैं। अब तक करनाल जिले में 6865 लोग कोरोना पाजिटिव पाये जा चुके हैं। यहां का रिकवरी रेट 77.38 प्रतिशत है।
बढ़ रहा मौत का आंकड़ा, तीसरे नंबर पर
फरीदाबाद में 209 से ऊपर मौत हो चुकी हैं, गुरुग्राम में आंकड़ा 167 हो चुका है। करनाल में अब तक 97 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस माह अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। इस माह का औसत आंकड़ा रोज तीन मौत का चल रहा है। मृतकों में ज्यादातर 60 साल से ज्यादा उम्र वाले हैं, इनमें ज्यादातर बीपी और शुगर समेत अन्य बीमारियों से पहले ही ग्रस्त थे।
बरतें ज्यादा सावधानी : डा. डागर
कोविड-19 के नोडल अधिकारी डा. अभिनव डागर का कहना है कि मेडिकल कालेज में अकेले करनाल ही नहीं पानीपत और कुरुक्षेत्र के मरीजों को भी दाखिल किया जा रहा है। वहीं पास लगते यूपी के मरीज भी पहुंच रहे हैं। इसलिए यहां पर गंभीर मरीजों की संख्या ज्यादा है। जिस तेजी से कोरोना बढ़ रहा है, उससे और ज्यादा सावधानी बरतनी होगी। खासकर बुजुर्ग और बच्चों का खास ध्यान रखें, उन पर विशेष फोकस रखें जो पहले से किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं।