कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अब मात्र पांच रुपये में लैप्रोस्कोप से सफल बेसिक ऑपरेशन हो सकेंगे।
दूरबीन विधि से किए जाने वाले इस ऑपरेशन में मरीज के शरीर पर ज्यादा चीरफाड़ नहीं करनी पड़ेगी।
केवल दो कट लगाकर ही डॉक्टर मरीज का सफल ऑपरेशन कर सकेंगे। इससे मरीज को दर्द से निजात मिलेगी ही ऑपरेशन के अगले दिन वह डिस्चार्ज होकर अपने घर जा सकेगा।
पित्त की पथरी, अपैंडिक्स, नसबंदी, हर्निया और रसौली जैसी सर्जरी करवाने के लिए अब मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
अब यह सुविधा जल्द की कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपलब्ध होने वाली है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य योजना के तहत 84 लाख 65 हजार 559 रुपये की लागत से यूनोप नाम की एजेंसी के जरिए लैपरोस्कोप मशीन खरीदी गई है।
कोरल स्टोरेज कंपनी से खरीदी गई मशीन के 14 बॉक्स में बंद है। जल्द ही कंपनी के इंजीनियर इसे इंस्टॉल करने के लिए करनाल आने वाले हैं।
मशीन के इंस्टोलेशन के बाद मशीन की टैस्टिंग की जाएगी। कंपनी के इंजीनियर की एनओसी के बाद डॉक्टर मशीन से सर्जरी करनी शुरू करेंगे।
27 दिसंबर को आई लैपरोस्कोप सर्जरी मशीन जल्द ही मरीजों के सफल ऑपरेशन करेगी।
केवल पांच रुपये की ओपीडी स्लिप बनवाने के बाद यदि डाक्टर मरीज को दूरबीन मशीन से सर्जरी करवाने के लिए रिकमेंड करता है तो डॉक्टर मरीज की निशुल्क सर्जरी करेगा जबकि प्राइवेट अस्पतालों में डाक्टर इस बेसिक सर्जरी के 20 से 35 हजार रुपये लेते हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य योजना के तहत लैप्रोस्कोप सर्जरी अस्पताल में आ चुकी है। कंपनी के इंजीनियर जल्द ही मशीन को लगाने के लिए आने वाले हैं।
एनओसी के बाद ही अस्पताल के डॉक्टर सर्जरी कर पाएंगे। उसी दिन से मशीन की गारंटी और वारंटी शुरू हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज में अब मात्र पांच रुपये ही मरीज को ये सुविधा मिल पाएगी।
डॉ. सुरेंद्र कश्यप
निदेशक, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल करनाल।