सिटी के सौंदर्यकरण को खराब कर रही शहर के अंदर चल रही डेयरियों को शिफ्ट करने को लेकर नगर निगम ने दोबारा से नए सिरे से प्रयास शुरू कर दिए हैं। डेयरी संचालकों की मांग पर निगम की ओर से प्लाटों के साइजों में संशोधन के बाद फाइनल ले-आउट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता द्वारा ले-आउट के अवलोकन के बाद डेयरी प्लाटों के आवंटन की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। हालांकि, निगम जल्द शिफ्टिंग के दावे कर रहा है, लेकिन यह दावे लगातार कई साल किये जा रहे हैं। देखना यह है कि क्या इस साल डेयरियां शहर से शिफ्ट हो पायेंगी?
बता दें कि पिंगली में डेयरी शिफ्टिंग के लिए 32 एकड़ जमीन पर 200 से भी अधिक प्लॉटों की योजना का नक्शा तैयार किया गया था। इनमें 250, 350 व 500 वर्ग गज के अलग-अलग संख्या के प्लॉट थे, जो पशुओं की गिनती का हिसाब लगाकर बनाए गए थे। अर्थात 5 से 15 पशुओं के लिए 250 वर्ग गज, 16 से 25 पशुओं के लिए 350 वर्ग गज तथा 26 से 50 संख्या के पशुओं के लिए 500 वर्ग गज के प्लॉट बनाए गए थे।
अब संशोधित ले आउट में 250 गज (10 मरले) के 79, 350 गज (14 मरले) के 29, 400 गज (16 मरले) के 33, 500 गज (20 मरले) के 43, तथा 1 कनाल के 05 प्लॉट रखे गए हैं। नगर निगम के आयुक्त डा. आदित्य दहिया ने सोमवार को साइट का निरीक्षण किया और प्रगति के बारे में रिपोर्ट ली। उन्होंने बताया कि पिंगली में डेयरी शिफ्टिंग के लिए वर्ष 2015 में जो सर्वे किया गया था, उसमें शहर के डेयरी संचालकों की संख्या 154 और पशुओं की संख्या 2571 बताई गई थी। अब डेयरियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। नए ले आउट में करीब 10 प्रतिशत प्लॉट अतिरिक्त रूप से रहेंगे, ताकि सभी डेयरी संचालकों को यहां शिफ्ट किया जा सके। अब निगम का जोर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू कराना है। इसके बाद शिफ्टिंग शुरू कर दी जाएगी।
मौके पर ठेकेदार की पेमेंट की फाइनल
निगम आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने सोमवार को पिंगली गांव के पास डेयरी काम्पलेक्स साइट का निरीक्षण किया। उनके साथ नगर निगम के कार्यकारी अभियंता-रामजी लाल, सहायक अभियंता मुकेश शर्मा व जूनियर इंजीनियर सुशील शर्मा भी थे। उन्होंने पहले यहां स्ट्रोम वाटर व सीवरेज के लिए बिछाई गई पाइप लाइनों को भी देखा। दोनों लाइनों के मेन होल के ढक्कन उठवाकर भीतर के लेवल को चैक किया। ड्राईंग के मुताबिक दोनों लाइनों की फीता लगवाकर लम्बाई भी चैक की गई। इस दौरान वर्क मैनशिप ठीक पाई गई। जिस ठेकेदार द्वारा यह कार्य किया गया था, उसकी फाइनिल पेमेंट के ऑडर भी उन्होंने फाइल पर कर दिए।
डेयरी शिफ्टिंग मामले की कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए, इसके लिए नगर निगम के जेई सुशील शर्मा को इसी काम पर लगाया गया है। पिंगली में इस स्थल पर जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले ही दो नलकूप लगा दिए गए हैं, जबकि बिजली निगम द्वारा अलग से फीडर लाइन भी खींच दी गई है। अधिकतर सड़कें भी बनाई जा चुकी हैं। अब इस स्थल पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व डेयरियां शुरू होते ही बिजली का ट्रांसफार्मर रखवा दिया जाएगा। इसके बाद शिफ्टिंग का कार्य शुरू होगा।
- डा. आदित्य दहिया, आयुक्त, नगर निगम।