माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दि सहकारी चीनी मिल करनाल ने देशभर में अपनी दक्षता के झंडे गाड़ दिए हैं। देश की 260 चीनी मिलों में करनाल की सहकारी चीनी मिल को तकनीकी दक्षता की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला है। मिल ने पहली बार बिना कर्ज लेकर और फायदे में रहकर किसानों को सबसे कम समय में गन्ने का भुगतान किया है।
उपायुक्त एवं सहकारी चीनी मिल करनाल के अध्यक्ष उत्तम सिंह ने बताया कि करनाल सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड को तकनीकी दक्षता की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिलना गौरव की बात है। नजीबाबाद, जिला बिजनौर ( उत्तर प्रदेश) की द किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड दूसरे स्थान पर रही।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन की श्रेणी में जिला विल्लुपुरम (तमिलनाडु) की कल्लाकुरिची, सहकारी चीनी मिल को प्रथम तथा जिला अमरोहा (उत्तर प्रदेश) की द किसान सहकारी चीनी मिल को दूसरा पुरस्कार मिला है। रिकार्ड गन्ना पेराई श्रेणी में जिला बागपत (यूपी) की रमाला सहकारी चीनी मिल रमाला बड़ौत को पुरस्कृत किया गया है। रिकॉर्ड गन्ना रिकवरी श्रेणी में नवलनगर, बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) की नवल सिंह सहकारी चीनी फैक्ट्री लिमिटेड को भी पुरस्कार दिया गया।
उपायुक्त ने बताया कि डीएस 8 सुब्रमण्यम शिवा सहकारी चीनी मिल लिमिटेड गोपालपुरम, जिला, धर्मपुरी, (तमिलनाडु) को सबसे बेहतरीन शुगर फैक्ट्री (शेष प्रभाग) का पुरस्कार दिया गया। पुरस्कारों के मूल्यांकन के लिए 11 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था। इस वर्ष का विशेष पुरस्कार वितरण समारोह अगस्त में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
हरियाणा में इकलौती करनाल मिल ने जीता पुरस्कार : हितेंद्र शर्मा
चीनी मिल करनाल के प्रबंध निदेशक हितेश कुमार शर्मा ने बताया कि नेशनल कोआपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन (एनएफसीएसएफ) द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए कुल 21 पुरस्कारों की घोषणा की है। केंद्रीय मुख्य निदेशक (चीनी) की अध्यक्षता वाली समिति की ओर से एनएफसीएसएफ के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटिल ने शुक्रवार को पुरस्कारों की घोषणा की। कुल 21 पुरस्कारों में से महाराष्ट्र ने कुल 10 पुरस्कारों के साथ पहला स्थान हासिल किया है और उत्तर प्रदेश ने चार पुरस्कारों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। गुजरात, तमिलनाडु को दो-दो पुरस्कार मिले जबकि पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश को एक-एक पुरस्कार मिला है। हरियाणा में पुरस्कार पाने वाली करनाल चीनी मिल इकलौती मिल है।
देश की 260 मिलों में अग्रणी रही करनाल चीनी मिल
करनाल चीनी मिल के अध्यक्ष एवं उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि देश में 260 सहकारी चीनी मिलें हैं और नौ राज्यों के चीनी संघों के सदस्य राष्ट्रीय सहकारी चीनी फैक्ट्री महासंघ से जुड़े हुए हैं। जिन सहकारी मिलों ने गन्ना उत्पादकता, तकनीकी गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन, अधिकतम गन्ना पेराई, सर्वोत्तम चीनी रिकवरी, उच्चतम चीनी निर्यात जैसे विभिन्न क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया हो, उन्हें सम्मानित किया जाता है। हर साल देश की सहकारी चीनी मिलों का मूल्यांकन करने के बाद इन पुरस्कारों की घोषणा की जाती है।