करनाल के टिंबर व्यापारी की ओर से ओबीसी बैंक के साथ की गई करीब 155 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई के बाद गुरुवार को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम ने छापेमारी की। करीब 50 सदस्यों की टीम ने व्यापारी अशोक मित्तल की लक्कड़ मार्केट स्थित दुकान और सेक्टर-13 स्थित आवास पर एक साथ छापा मारा। रेड से लकड़ी के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान न तो किसी को घर और दुकान से बाहर जाने दिया गया और न ही अंदर जाने दिया गया। सुरक्षा के लिहाज पुलिस कर्मचारी और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात रहे। सुबह 10 बजे से चली चेकिंग कई घंटे तक चली। इस दौरान टीम ने प्रतिष्ठान और घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। रिकार्ड के तौर पर पुलिस कागजात अपने साथ ले गई।
गुरुवार सुबह 10 बजे अचानक सरकारी गाड़ियां शहर स्थित लक्कड़ मार्केट पहुंची। टीमों के सदस्यों ने आते ही अशोक मित्तल की फर्म और गोदाम में छापेमारी की। कई घंटे तक चली जांच के दौरान अन्य व्यापारियों में भी हड़कंप की स्थिति रही। वहीं, बताया जाता है कि मित्तल के घर पर भी टीम ने रेड की है और वहां पर कुछ रिकार्ड अपने कब्जे में लिया है। अचानक पहुंची टीम को देखकर आसपास के व्यापारी भी सकते में आ गए। किसी ने इसे आयकर विभाग की रेड बताया तो कोई सीबीआई की टीम करार देता रहा। काफी देर के बाद ये स्थिति स्पष्ट हुई कि रेड ईडी विभाग की ओर से की गई है। अशोक मित्तल के ऑफिस, घर, गोदाम सहित अन्य जगहों पर एक साथ टीमें पहुंची। उन्होंने रिकॉर्ड के अनुसार उनके पास से कई डॉक्यूमेंट्स लिए गए। रिकॉर्ड की जांच जारी है। जांच में क्या सामने आया और इस लेन देन का क्या मैटर है, इसकी जानकारी जांच कर रहे अधिकारियों ने नहीं दी है।
जांच टीम ने कुछ भी बोलने से किया इंकार
लकड़ी व्यापारी की दुकान व घर पर रेड को लेकर जांच टीम के किसी भी सदस्य व अधिकारी ने मुंह नहीं खोला। मीडिया द्वारा बार बार पूछने पर भी टीम के सदस्यों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। वह किस केस में कर रहे हैं तो उन्होंने कुछ भी बताने को इनकार कर दिया। हालांकि, इतना जरूर कहा कि करोड़ों रुपये का मामला है, उसकी जांच कर रहे हैं।
ओबीसी से 155 करोड़ रुपये के फ्राड का है मामला
सीबीआई की ओर से दर्ज किए गए केस के अनुसार, वर्ष 2018 में करनाल स्थित ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स में 155 करोड़ रुपये का गबन सामने आया था। इसमें अशोक मित्तल की टिंबर कंपनी ने फर्जी कागजात का इस्तेमाल करके बैंक से अपने कार्ड की लिमिट बढ़वाकर सिंगापुर की एक शाखा से ऋण ले लिया। इस मामले में सीबीआई ने कंपनी के निदेशक अशोक मित्तल, निशा मित्तल सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ है। इस मामले में तत्कालीन बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सुरेश कुमार को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।