- राघवी सचदेवा ने स्वर्ण तो नेहा ने जीता कांस्य पदक, गुड़गांव में आयोजित हुई प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता
संवाद न्यूज एजेंसी 3
करनाल। हरियाणा ओपन भारोत्तोलन प्रतियोगिता में कर्ण नगरी की दो बेटियों ने पदक झटके हैं। राघवी सचदेवा ने 125 किलोग्राम भारवर्ग यूथ कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता है। यह पदक जीतकर राघवी ने अक्तूबर माह में हिमाचल में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है। वहीं नेहा ने 55 किलोग्राम भारवर्ग यूथ कैटेगरी में कांस्य पदक जीता है।
यह यूथ प्रतियोगिता गुड़गांव में 15 से 18 अगस्त तक आयोजित हुई। जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों के युवा खिलाड़ियों ने भाग लिया। राघवी मधुबन अकादमी की खिलाड़ी है जो कि 14 आयु वर्ग के मुकाबले खेलती है। वहीं नेहा कर्ण स्टेडियम की खिलाड़ी है जो 13 आयु वर्ग की युवा कैटेगरी में खेलती है। दोनों ही महिला खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ रही हैं।
राघवी सचदेवा महज 14 साल की है और नौवीं कक्षा में पढ़ती है, वह अपने वजन से डेढ़ गुना तक वजन उठाने में सक्षम है। मधुबन अकादमी में अभ्यास करते हुए डेढ़ माह ही हुआ है जिसमें उसने हरियाणा ओपन में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। अकादमी के मुख्य कोच राकेश ने बताया कि वह मधुबन अकादमी में सुबह छह से साढ़े आठ बजे तक तथा शाम को पांच से आठ बजे तक अभ्यास करवाते हैं। राघवी के अलावा उनकी अकादमी में रश्मि नेशनल खिलाड़ी है जो महिला रैंकिंग प्रतियोगिताओं में दो बार स्वर्ण पदक जीतकर ऑल इंडिया रिकॉर्ड बना चुकी है। उन्होंने बताया कि उनकी अकादमी में इस समय 12 खिलाड़ी हैं सभी राष्ट्रीय स्तर के हैं।
मधुबन अकादमी के मुख्य कोच राकेश कुमार का कहना है कि अपने खिलाड़ियों को मानसिक व शारीरिक तौर पर तैयार करना उनका मुख्य लक्ष्य रहता है। वह खुद बिना कोच के वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं, वह नहीं चाहते कि जिन गलतियों के कारण उन्हें खेल में छह से सात बार दुर्घटना होने पर ऑपरेशन करवाना पड़ा, उनके खिलाड़ी भी वही गलती दोहराएं।
राघवी की उपलब्धियां
- राघवी ने लगातार दो साल में दो बार खेल महाकुंभ में रजत पदक जीता है।
- ओपन हरियाणा स्कूली गेम में भी स्वर्ण पदक जीता है।
- राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी दो बार पदक जीते हैं।