एम्स और चंडीगढ़ की तर्ज पर अब कल्पना चावला मेडिकल कालेज में भी आनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। आनलाइन सुविधा वाला प्रदेश का यह पहला मेडिकल कालेज हो गया है। साथ ही एक मार्च से मेडिकल कालेज में ओपीडी का टाइम भी बदल जाएगा। कालेज प्रबंधन की मानें तो जल्द ही ब्लड बैंक भी आनलाइन कर दिया जाएगा। यह जानकारी मेडिकल कालेज के निदेशक डा. दुरेजा ने दी।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि आनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा से मरीजों को टोकन लेने की आवश्यकता नहीं है और उनका करीब एक घंटे का समय भी बचेगा। वह कम समय में ही डॉक्टर से चेकअप करा सकते हैं। फिलहाल ऑफलाइन में मरीज को पहले टोकन लेना पड़ता है, फिर टोकन के नंबर के आने का इंतजार करना पड़ता है। टोकन नंबर आने के बाद काउंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन कार्ड बनवाना पड़ता है। कार्ड बनने के बाद मरीज डॉक्टर के पास चेकअप कराने के लिये जाता है। इस प्रक्रिया में मरीज को करीब दो घंटे का समय लग जाता है, लेकिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से इतना समय नहीं लगेगा। रजिस्ट्रेशन में एक सप्ताह पहले की भी अपाइंटमेंट ले सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए खुद का फोन नंबर देना होगा। इसके बाद संबंधित के पास ओटीपी आएगा, इसके बाद उसका नंबर आएगा। मरीज चाहे तो अपाइंटमेंट को रद्द भी कर सकता है। इसके लिये मेडिकल कॉलेज के ओपीडी ब्लॉक में काउंटर नंबर 3 निर्धारित किया है। ओपीडी के पांच रुपये उस काउंटर पर ही देने होंगे। इसके अलावा एक मार्च से ओपीडी के समय में भी बदलाव किया गया है। अब सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक ओपीडी होगी, इसमें डाक्टरों का कोई लंच ब्रेक नहीं हो सकेगा। तीसरा ओपीडी के लिए मैनुवली पर्ची कटवाने का समय 1 बजे से बढ़ाकर 1.30 बजे तक किया गया है। इस मौके पर प्रो. विजयपाल, डीएमएस डा. गौरव कांबोज, डीएमएस डा. सोनम शर्मा और डा. कुनाल खन्ना, डा. जयंत कैरी, डा. गुंजन चौधरी, आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डा. पियूष, ब्लड बैंक इंचार्ज डा. सचिन ने एक एक करके अपने कार्य सामने रखे।
पेमेंट भी कर सकेंगे आनलाइन
निदेशक का कहना है कि जल्द ही मरीज पर्ची के पांच रुपये भी ऑनलाइन ही दे सकता है। इसके लिये एसबीआई बैंक से बात की जा रही है। आगामी माह से यह सुविधा भी शुरू हो जाएगी। बैंक से प्रति ट्रांजेक्शन खर्च को लेकर बात चल रही है। हमारा प्रयास रहेगा कि मरीज या उनके तीमारदारों को यह सुविधा भी जल्द मिल सके।
नॉन स्टाप सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक चेकअप करेंगे डॉक्टर
मेडिकल कॉलेज के डीएमएस डा. गौरव ने बताया कि एक मार्च से ओपीडी का समय बदला जायेगा। फिलहाल ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक और 1.30 से 2.30 बजे तक लंच फिर 2.30 बजे से 4 बजे तक है। एक मार्च से ओपीडी का समय सुबह 9 बजे से दोपहर तीन बजे होगा। डॉक्टर नॉन स्टाफ 6 घंटे तक मरीजों का चेकअप करेंगे।
टोकन का आधा घंटा और बढ़ाया
कालेज प्रवक्ता डा. गुंजन चौधरी ने बताया कि ओपीडी समय में बदलवा करते हुये टोकन का समय भी बढ़ाया गया है। फिलहाल टोकन का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक है, लेकिन एक मार्च से टोकन का समय सुबह 8 बजे से 1 बजे तक कर दिया गया है। ब्लड सैंपल और दवा लेने के समय में कोई परिवर्तन नहीं है। ब्लड सैंपल 9 बजे से 1.30 बजे तक और मरीज शाम 4 बजे तक दवा ले सकता है।
एफेरेसिस मशीन की शुरू, डेंगू के मरीज को नहीं होगी परेशानी
मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में एफेरेसिस मशीन को भी शुरू कर दिया है। यह मशीन 2017 में खरीदी गई थी। डेंगू के मरीज को प्लेट्लेटस के लिये परेशानी नहीं होगी। डा. सचिन ने बताया कि इस मशीन का लाभ ये है कि एक डोनर से ही प्लेटलेटस लेकर दूसरे को चढ़ाया जा सकेगा, इसका लाभ ये होगा कि एक बार में ही एक मरीज के प्लेटलेटस 30 से 35 हजार तक बढ़ाए जा सकेंगे।
ब्लड बैंक भी होगा आनलाइन
डा. सचिन ने बताया कि जल्द ही ब्लड बैंक को भी ऑनलाइन कर दिया जायेगा। इससे कोई भी व्यक्ति ब्लड बैंक में ब्लड की जानकारी मेडिकल कॉलेज की साइट से ले सकता है। इस साइट पर पूरी जानकारी होगी कि किस ग्रुप का कितना यूनिट है। चाहे कोई मरीज निजी अस्पताल में दाखिल हो या फिर सरकारी में, वह यहां से मदद ले सकेगा।
जल्द ही एक और रेडियोलॉजिस्ट करेगा ज्वाइन
मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड, एमआरआई व सीटी स्केन की सुविधा दी जा रही है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण मरीजों को थोड़ा इंतजार करना पड़ता है। जल्द ही एक ओर रेडियोलॉजिस्ट ज्वाइन करने जा रहा है। वहीं, गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए निजी केंद्रों से अनुबंध हो रखा है।
समीक्षा करेंगे और फीडबैक भी लेंगे : निदेशक
आनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम की एक माह बाद समीक्षा की जाएगी। साथ ही इसके लिए वेबसाइट पर फीडबैक, शिकायत देने के लिए आप्शन दिया गया है। नये बदलाव कालेज के डाक्टरों, नर्स व तकनीकी स्टाफ के साथ चतुर्थ श्रेणी के सदस्यों की सलाह के बाद ही किए गए हैं। मरीजों की सेवा के लिए कालेज का हर स्तर का कर्मचारी तत्पर है। हमारा उद्देशय है कि कालेज में जो सुविधाएं हैं, वो मरीजों को मिलें और अच्छे तरीके से योजनाओं का संचालन हो सके।-डा. जगदीश दुरेजा, निदेशक, मेडिकल कालेज।