एम्स की तर्ज पर अब कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में भी ओपीडी के लिए घर बैठे आनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इसको लेकर कालेज के आईटी विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है और इसका ट्रायल भी शुरू कर दिया है। संभावना जताई जा रही है कि इसी माह इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। दावा ये भी किया जा रहा है कि ऐसा होने के बाद कालेज में ओपीडी के लिए मरीजों की लाइनें नहीं लगेगी, बल्कि वह अपने नंबर के हिसाब से ही कालेज में आएंगे और बिना देरी के चेकअप करा सकेंगे।
गौरतलब है कि इस समय मेडिकल कालेज में ओपीडी की स्लिप लेने से पहले टोकन लेना पड़ता है। टोकन लेने के बाद नंबर के हिसाब से ही पर्ची खिड़की पर इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद यहां से संबंधित विभाग के लिए पर्ची बनाई जाती है। यहां से फिर मरीज ओपीडी में पहुंचता है। इस पूरे प्रोसेस में मरीज को काफी समय लगता है। मरीजों को एक एक घंटे तक लाइनों में लगना पड़ता है। बता दें कि मेडिकल कालेज में रोजाना करीब 2500 मरीजों की ओपीडी है।
टोकन को लेकर कई बार हो चुके हैं विवाद
इस समय टोकन मशीन के लिए एक गार्ड की ड्यूटी लगाई जाती है। टोकन को लेकर कई बार मरीजों व गार्ड में विवाद भी हो चुके हैं। आरोप है कि कई बार गार्ड या कालेज के कर्मचारी पहले से ही अपने जानकारों के लिए टोकन निकाल कर रख देते हैं और बाद में आने वालों की पर्ची भी पहले बना देते हैं। ऐसे में आम आदमी को इस सिस्टम से और देरी का सामना करना पड़ता है।
ऐसे होगा नया सिस्टम
मेडिकल कालेज की आईटी सेल के इंचार्ज राजेश कुमार ने बताया कि अभी ट्रायल के तौर पर इसे प्रयोग किया जा रहा है। हमारी तरफ से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आनलाइन रजिस्ट्रेशन होने से मरीजों का समय बचेगा और पेपर वर्क भी। मरीज या उनके रिश्तेदार कालेज की वेबसाइट द्धह्लह्लश्चऱ्//222.द्मष्द्दद्वष्.द्गस्रह्व.द्बठ्ठ/ पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इसके लिए मोबाइल और आधार कार्ड जरूरी है। आधार कार्ड के आधार पर ही रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। मोबाइल पर मिले मैसेज को ही आकर काउंटर पर दिखाना होगा। इसके लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
दवाइयों के लिए भी टोकन नंबर लाने की तैयारी
इसके अलावा, मेडिकल कालेज में नया सिस्टम बनाने की तैयारी है। यहां पर दवा खिड़कियों पर लंबी लाइनें लगती हैं और घंटे से लेकर आधा घंटा तक मरीजों को लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। इस इंतजार को खत्म करने के लिए मेडिकल कालेज विचार कर रहा है। प्रबंधन का मानना है कि दवाइयां भी टोकन नंबर के हिसाब से ही मिलें, तो यह लाइनें खत्म हो सकेंगी। दवा खिड़कियों पर टोकन नंबर फ्लैश होगा तो संबधित व्यक्ति खिड़की पर जाकर दवा ले सकता है।
मरीज आनलाइन ही कर सकेंगे शिकायत
अब मरीज या फिर अन्य सदस्य कालेज की वेबसाइट पर जाकर ही आनलाइन शिकायत भी कर सकेंगे। पहले शिकायत को लेकर मरीजों को धक्के खाने पड़ते थे और डायरेक्टर आफिस में जाना पड़ता था। इसके अलावा, न ही शिकायत का स्टेटस पता चलता है और न ही रिस्पांस।
पर्ची की परेशानी होगी कम : डा. दुरेजा
मेडिकल कालेज के निदेशक डा. जगदीश दुरेजा का कहना है कि फिलहाल ओपीडी के लिए पर्ची कटवाने को लेकर परेशानी आती है। इसको दूर करने के लिए अभी आईटी विभाग ट्रायल कर रहा है। कालेज पूरी तरह से इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए तैयार है। उम्मीद है कि इसे इसी माह लागू किया जाएगा। इसको लेकर प्रदेश सरकार से भी बात की जा रही है। आनलाइन रजिस्ट्रेशन से मरीजों को लाभ होगा और पर्ची के लिए देर तक लाइन में नहीं लगना होगा।