करनाल। जिले का काछवा गांव अपनी प्राचीन धार्मिक विरासत के साथ-साथ आधुनिक उपलब्धियों की नई कहानी लिख रहा है। एक ओर जहां यह गांव ऋषि परंपरा और सामाजिक सौहार्द की पहचान है, वहीं दूसरी ओर यहां के युवा खेल, शिक्षा और डिजिटल क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। गांव की इसी बहुआयामी प्रगति को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने काछवा से प्रदेशभर में गौरव पट्ट लगाने की पहल शुरू करने का निर्णय लिया।
काछवा के खिलाड़ियों ने गांव को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। सोनू कुमार कुश्ती में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी गांव ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और ग्राम पंचायत के सहयोग से स्थापित सरदार पटेल पुस्तकालय में पढ़ाई कर शुभम वर्मा और नवीन जैसे युवा सरकारी सेवाओं में चयनित होकर गांव का नाम रोशन कर चुके हैं।
ग्रामीणों की सुविधा के लिए गांव में ग्राम सचिवालय की व्यवस्था भी प्रभावी ढंग से लागू है, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी तय दिनों में बैठते हैं। इससे लोगों को अपने काम के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और अधिकांश सरकारी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो रही हैं। डिजिटल क्षेत्र में भी काछवा ने अग्रणी भूमिका निभाई है। दिसंबर 2016 में यह हरियाणा का पहला कैशलेस गांव बना था। नोटबंदी के समय गांव में स्थापित आठ अटल सेवा केंद्रों ने लोगों को ऑनलाइन लेन-देन के प्रति जागरूक कर डिजिटल भुगतान की दिशा में बड़ा बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
खिलाड़ियों से बातचीत
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मास्टर एथलीट स्पर्धाओं के लिए कर रहे तैयारी
एथलीट गजराज ने बताया कि शाॅटपुट व डिस्कस थ्रो स्पर्धाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने का अनुभव बेहतरीन रहा। अब इसी वर्ष केरल के त्रिवंतपुरम में होने वाली मास्टर एथलीट स्पर्धाओं की तैयारी कर रहा हूं। इसके अलावा वह नेशनल में 22 पदक व प्रदेश स्तर पर 50 से ज्यादा पदक जीत चुके हैं। वर्तमान में खेल विभाग से मान्यता प्राप्त एथलीट खेल नर्सरी काछवा गांव में ही चला रहे हैं।
नाैकायन की विभिन्न स्पर्धाओं में जीते हैं पदक
मिनाक्षी पाल ने बताया कि काछवा से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित भाखड़ा नहर पर गुरु गोरखनाथ वाॅटर स्पोटर्स क्लब में छह साल से नाैकायन का अभ्यास करती हूं। प्रवीन कुमार कोच के कुशल मार्गदर्शन से 2025 में खेलों इंडिया युर्निवसिटी खेल में कांस्य पदक जीता। वहीं 2025 में ही उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेल में भी पदक जीतकर गांव का नाम रोशन किया है।
युवा खिलाड़ियों को एथलीट स्पर्धाओं के लिए कर रहे तैयार
एथलीट कोच रूमा ने बताया कि खेल विभाग की ओर से युवा एथलीटों की प्रतिभा तराशने लिए उन्हें लगाया गया है। वह सुबह व शाम काछवा के खेल मैदान में युवा एथलीटों को अभ्यास करवाकर एथलीट स्पर्धाओं के लिए तैयार कर रही हैं। एथलीट अकादमी में करीब 50 खिलाड़ी रोजाना अभ्यास करते हैं वहीं अंतरराष्ट्रीय एथलीट गजराज का कुशल मार्गदर्शन भी खिलाड़ियों को मिल रहा है।
काछवा के खेल मैदान में अभ्यास करते युवा एथलीट संवाद