करनाल। किराये और पुराने या जर्जर कमरों से निकलकर जिले के न्यायाधीश आने वाले समय में नए आवास में रहेंगे। न्यायिक अधिकारी आवास परियोजना को हरी झंडी मिल चुकी है। सेक्टर-32 में परियोजना के तहत 6.79 एकड़ जमीन पर 42 नए क्वार्टर बनाए जाएंगे। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने ज्यूडिशरी विभाग को जमीन ट्रांसफर कर दी है। नक्शा भी तैयार हो गया है। एक सोसायटी की तरह विकसित होने वाली इस परियोजना पर इसी वित्त वर्ष में काम शुरू होने की उम्मीद है।
परियोजना पर करीब 160 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। पहले चरण के 104 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी के माध्यम से ज्यूडिशरी विभाग ने प्राधिकरण को जमीन ट्रांसफर के लिए भुगतान कर दिए हैं। अब 56 करोड़ रुपये निर्माण कार्य में खर्च होने हैं।
नए नागरिक अस्पताल, स्कूल और आवासीय सोसायटी के साथ लगती जगह पर 32 क्वार्टर जूनियर जजों के लिए बनाए जाएंगे, जबकि 9 मध्यम आकार के क्वार्टर एडीजे और एक बड़ा क्वार्टर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के लिए होगा। प्रवेश और निकासी का एक मुख्य द्वार होगा, जहां हर वक्त निगरानी रहेगी। इसके अलावा पार्क, पार्किंग, गार्ड का कमरा, पूजा रूम सहित अन्य जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी।
10 साल पहले बनी थी परियोजना
वर्ष 2016 में सरकार ने न्यायिक अधिकारियों के आवास की परियोजना बनाई थी। सिरे चढ़ने में 10 वर्ष लग गए। पीडब्ल्यूडी के जेई प्रवीन के अनुसार, देरी की वजह न्यायिक विभाग की ओर से एचएसवीपी को जगह के लिए निर्धारित राशि जमा न कराना व न नक्शा तैयार न होना रहा।
किराये के मकानों में भी रह रहे जज
शहर में एक जगह न्यायिक आवास सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहतर रहेंगे। मौजूदा समय में न्यायिक आवास अलग-अलग जगह स्थित हैं। कुछ जज पुराने सरकारी क्वार्टर में रह रहे हैं तो कुछ क्वार्टर न होने के कारण किराये के भवनों में रह रहे हैं। पुराने सरकारी क्वार्टर जर्जर होने की स्थिति में हैं।
वर्जन
न्यायिक अधिकारी आवास परियोजना के लिए जमीन ट्रांसफर हो गई है। निर्धारित नक्शे के अनुसार निर्माण के लिए अनुमानित बजट का ड्राफ्ट बनाकर मुख्यालय भेज दिया है, वहां से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। छोटे क्वार्टर चार टावर में चार मंजिला होंगे। जबकि मध्यम और बड़ा अलग से बनेगा। - शैलेंद्र भाटिया, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी
वकीलों को इसी साल मिलेंगे 260 चैंबर
करनाल। सेक्टर-12 में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए 12.98 करोड़ रुपये से नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। तीन मंजिला भवन में 260 चैंबर होंगे, साथ ही बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दी जाएगी। इसी साल के अंत तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। भवन के बनने से वकीलों की समस्या दूर नहीं होगी। अभी भी सैकड़ों की संख्या में युवा वकील चैंबरों का इंतजार कर रहे हैं। जिन 520 वकीलों को यह चैंबर अलॉट हुए हैं वह मार्च, 2020 से पहले के बैच के वकील हैं। विदित हो कि जिला अदालत में करीब 2900 वकील हैं। इनमें से 1700 के करीब वकील रेगुलर हैं, जो प्रैक्टिस करते हैं। ब्यूरो