वसंत विहार में चल रहे विकास कार्यों की लीपापोती को देखकर डीसी निशांत कुमार यादव ने मौके पर ही जेई प्रदीप को चार्जसीट कर दिया वहीं निर्माण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार को लताड़ लगाई। अब गली नंबर 11 में निरीक्षण के दौरान मिली लापरवाही के बाद सभी 15 गलियों की जांच का जिम्मा पंचायती राज विभाग के एसई रामफल को सौंपा गया है। साथ ही निर्देश दिए कि यदि निगम के अधिकारी व कर्मचारी सहयोग न करें तो सीधे डीसी कार्यालय आकर बताएं। तुरंत एक्शन लिया जाएगा। पार्षद व वसंत विहार के लोगों ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में भ्रष्टाचार हुआ है। ठेकेदार के साथ जेई, एमई, एक्सईएन तक मिले हैं। ऐसे में केवल जेई पर ही कार्रवाई हुई, ठेकेदार, एमई, एक्सईएन पर एक्शन क्यों नहीं लिया गया।
जिला सचिवालय से काम निपटाने के बाद करीब 5:35 बजे डीसी निशांत कुमार यादव वसंत विहार पहुंचे। जहां पर गली से इंटरलॉकिंग टाइलों को उखाड़कर मिट्टी उठाकर दूसरी जगह ले जाने और मिट्टी के स्थान पर रेत डालकर दोबारा से गली निर्माण किया जा रहा था।
जानिए...मौके पर क्या बोले डीसी
डीसी ने एक्सईएन अक्षय से पूछा-ठेकेदार कहां है। एक्सईएन ने आवाज लगाई...हेमंत। डीसी जेई प्रदीप से बोले-आपको अभी मैंने चार्जशीट कर दिया है और सस्पेंशन के लिए सरकार को लिखा है। उन्होंने एसई को मामले की जांच करने को कहा। इसके बाद डीसी ने जेई से पूछा-आते नहीं हो यहां, ऐसा कैसे हो गया। ठेकेदार की इतनी हिम्मत कैसे हो गई। तभी ठेकेदार हेमंत वहां पहुंचता है। डीसी बोले-क्यों पहली बार काम कर रहे, पहले तो काम शुरू करोगे ही नहीं, फिर करोगे तो ऐसा। काम करने की आदत डाल लो। ठेकेदार गर्दन नीचे कर खड़ा रहा। डीसी ने एक्सईएन से ठेकेदार के बारे में पूछा-ये वही है जो काम नहीं कर रहे थे। एक्सईएन-हां सर यही है...डीसी-इसकी पूरी डिटेल तैयार करो। कहां पर क्या-क्या और कैसे किया है। एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। एक्सईएन ने कहा-पूरा काम दोबारा ठीक करो। ठेकेदार ने धीमी आवाज में कुछ तर्क दिया तो डीसी बोले-कमियां ही निकालनी आती हैं या ज्यादा होशियारी।
एसई को सौंपी मामले की जांच
वसंत विहार कालोनी में बन रही सड़कों में प्रयोग होने वाली सामग्री की जांच के लिए अधीक्षक अभियंता रामफल को जिम्मेदारी दी गई है और सख्त निर्देश दिए कि यदि कहीं भी विकास कार्यों के निर्माण में ठेकेदार व नगर निगम के अधिकारी की मिलीभगत पायी जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। कालोनी में 15 गलियों एवं अन्य विकास कार्यों का 3 दिन के अंदर निरीक्षण करें और यदि किसी गली एवं विकास कार्य में कोई कमी पायी जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
नागरिक बोले- अधिकारी ठेकेदार मिले हैं
गली 11 के निवासियों की शिकायत थी कि उनके यहां बनी गली में रेत की जगह मिट्टी का प्रयोग किया गया है और बरसात के दिनों में यह गली नीचे धंस जाएगी। उन्हाेंने मामले में ठेकेदार के साथ एमई व एक्सईएन पर भी कार्रवाई की मांग की। डीसी ने निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाने का आश्वासन दिया। डीसी ने बताया कि वसंत विहार कालोनी में बन रही गलियों एवं सड़कों पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कालोनी में अधिकतर कार्य पूरे हो चुके और जो कार्य शेष हैं उन्हें भी जल्द पूरा कर दिया जाएगा ताकि किसी भी कालोनी वासी को किसी समस्या का सामना न करना पडे़।
हाउस में एक्सईएन का रवैया रहा गलत
पार्षद एडवोकेट नवीन ने बताया कि जब यह मामला हाउस में सबूतों के साथ पेश किया तो एक्सईएन अक्षय ने गलत जानकारी देते हुए कहा कि एक ट्राली मिट्टी आई थी, जिसे उठवा दिया है। इस बात के जवाब में पूरे सदन को चेलेंज करते हुए सभी गलियों में मिट्टी डालकर टाइलें लगाने की बात कहते हुए सदन को किसी भी गली की जांच के लिए कहा था। इस पर फिर एक्सईएन ने कहा था कि ये तो ऐसे ही बोलता रहता है। यदि जांच निष्पक्ष हुई तो अब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जांच में पार्षद व मेयर को भी शामिल किया जाना चाहिए।