पिछले वर्ष आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रविवार को बलिदान दिवस मनाया। इसको लेकर दिनभर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। वाट्सऐप और फेसबुक पर लोग रोड जाम व उपद्रव के मैसेज शेयर करते रहे। इससे प्रशासनिक अधिकारियों के भी हाथपांव फूले रहे। शाम होने तक धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक चलता रहा। पुलिस-प्रशासन ने धरनास्थल से दूरी बनाए रखी।
पिछले वर्ष जाट आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को रक्तदान कर श्रद्धांजलि देने के लिए दीनबंधु सर छोटू राम जागृति मंच के 300 युवाओं की सूची सौंपी थी, जो स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहते थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुख्ता इंतजाम न होने की वजह से मात्र 139 युवा ही रक्तदान कर पाए। गांव के सरपंच दिलावर सिंह मान की पत्नी निर्मला देवी ने भी रक्तदान कर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की।
सुबह आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से धरनास्थल पर हवन किया गया। भीड़ अधिक होने के कारण रविवार को अनाज मंडी में धरना शुरू किया गया। धरने को देखते हुए हरियाणा रोडवेज ने पहले ही बल्ला से करनाल तक चलने वाली बसों को बंद कर दिया था। हालांकि पानीपत-असंध वाया बल्ला बसों का परिचालन सुचारु रूप से जारी रहा। धरना स्थल पर काफी संख्या में महिला और पुरुष ट्रैक्टर-ट्रालियो में सवार होकर पहुंचे। जबाला गांव की सरपंच मुकेश देवी मोरमाजरा गांव से लड़की संजू व गगसीना से मूर्ति देवी स्वयं ट्रैक्टर चलाकर धरना स्थल पर पहुंचीं।
जिला परिषद की पूर्व चेयरमैन 84 वर्षीय प्रकाशवती ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को समर्थन दिया। भविष्य में आंदोलन की रणनीति पर पारित किए गए प्रस्ताव को लेकर दोपहर बाद धरना स्थल पहुंचे उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मानवेंद्र वर्मा ने इसकी जानकारी दी।
रविवार को आंदोलन को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशोक पवार, कांग्रेस नेता सुरेंद्र नरवाल, राष्ट्रीय सचिव सुरेश चौधरी, उत्तरप्रदेश के उपाध्यक्ष वीपी सिंह, पूर्व कप्तान गुरुदयाल पोपड़ा, सतीश बलारा, मास्टर रघबीर सिंह, जिलाध्यक्ष नफे सिंह मान, बलवान सिंह, धर्मबीर पाढा, ऋषी, जोगींद्रर संधू ने संबोधित किया।
मूनक हेड पर दिनभर मुस्तैद रहा सुरक्षा बल
मूनक हेड पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और आरएएफ के जवान दिनभर इसको सुरक्षा घेरे में लिए रखा। बलिदान दिवस कार्यक्रम के चलते मुनक हेड पर रविवार को सुरक्षा कड़ी कर दी गई। पुलिस के अतिरिक्त जवानों को भी तैनात किया गया। क्षेत्र में किसी प्रकार की अनहोनी न हो, इसके लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस व आरएएफ के जवान निगाहें गड़ाए हुए थे।
इसके साथ ही जवान एस्केप व पिचौलिया हेड तक के क्षेत्र पर लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। डीएसपी राजकुमार वालिया, सिंचाई विभाग के एसडीओ करनैल सिंह, एसडीओ मुकुल कथूरिया, जेई रंजित सिंह, असिस्टेंट कमांडेंट राजीव रंजन झा और डिप्टी कमांडेंट बलबीर सिंह के साथ मूनक हेड का जायजा लिया और सुरक्षा में तैनात जवानों को दिशा निर्देश जारी किए। आरएएफ के असिस्टेंट कमांडेंट राजीव रंजन झा ने कहा कि मुनक हेड सुरक्षा व्यवस्था के बंदोबस्त किए गए हैं। उपद्रवियों से निपटने के लिए उनको दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
सोशल मीडिया पर गर्म रहा अफवाहों का बाजार
बलिदान दिवस पर धरना स्थल पर दिनभर भले ही शांति छाई रही, लेकिन सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। इससे प्रशासनिक अधिकारियों के भी हांथ-पांव फूल रहे। सुबह 10 बजे के बाद फेसबुक और वाट्सएप पर मैसेज आने लगा कि प्रदर्शनकारियों ने बल्ला से करनाल और पानीपत से असंध जाने वाली सड़क को जाम कर दिया। वहीं कुछ लोगों ने पुरानी तस्वीरों के साथ यह भी शेयर करना शुरू कर दिया कि कई जगहों पर आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच झड़प शुरू हो गई है। इन मैसेजों के कारण प्रशासन भी चौकस रहा और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करता रहा।