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लॉकडाउन के दौरान जय सीताराम ट्रस्ट ने जुटाई जरूरतमंदों को खाद्य सामिग्री

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डॉ इंदु शर्मा - फोटो : AMAR UJALA
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मीनू बांगड़ करनाल। लॉकडाउन के दौरान प्रशासन व सामाजिक संस्थाएं जरूरतमंदों तक हर संभव मदद पहुंचाने में जुटी रहें ताकि कोई परिवार भूखा नहीं रहे। यही वजह रही कि दानवीर कर्ण की नगरी करनाल में लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद नागरिकों को भोजन-पानी की समस्या से नहीं जूझना पड़ा। संकट की घड़ी में जय सीताराम ट्रस्ट ने भी अपना सामाजिक दायित्व निभाया। ट्रस्ट की संचालक वार्ड तीन फूसगढ़ निवासी डा. इंदू शर्मा दो दशक से सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने 2018 में संस्था पंजीकृत करवाई थी। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान जमीनी स्तर पर काम किया। वास्तव में जो जरूरतमंद लोग थे जिन्हें भोजन, राशन व दवाई की जरूरत थी, उन्हें हर संभव मदद भेजी। यही नहीं उन्होंने सडक़ों पर घूम रहे गोवंश, लावारिस पशुओं व जीव-जंतुओं का भी ख्याल किया। जरूरतमंद लोगों की बस्तियों में महिलाओं व पुरुषों को कपड़ा भी मुहैया करवाया। अहम बात यह है कि ट्रस्ट की ओर से सामाजिक कार्यों के लिए किसी से कोई चंदा एकत्रित नहीं किया जाता। डा. इंदू शर्मा से जो बन पाता है वह स्वयं जरूरतमंदों की मदद करती हैं। दो दशक से सामाजिक कार्यों से जुड़े होने के चलते जरूरतमंद तबके के लोगों का उनसे जुड़ाव रहा है। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान प्रत्येक परिवार की प्रत्यक्ष परिस्थिति जांची। भोजन व राशन की मदद पिछले चार साल से चल रही थी, जिसकी लॉकडाउन में अहमियत बढ़ गई। इस दौरान प्रवासी मजदूरों व गरीब तबके को कई दफा दवाई के लिए दिक्कत पेश आई तो उसकी तत्काल मदद की गई। बकौल डा. इंदू शर्मा खून में सहयोग करने का जज्बा हो तो वह किसी से सहायता नहीं मांगता। खुद सोचें कि किस तरीके से किसी जरूरतमंद की कैसे हम मदद कर सकते हैं। दीन-हीन की मदद करना मानवता का धर्म है। ना केवल इंसानों बल्कि जीव-जंतूओं की भी सेवा करनी चाहिये। --- मीनू बांगड़।
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