कृषि विभाग की टीम ने शुक्रवार को घरौंडा में किया दुकानों का औचक निरीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कृषि विभाग की टीम ने शुक्रवार को घरौंडा की खाद बीज की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पांच दुकानदारों के थोक और खुदरा लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। ये लाइसेंस ईश्वर, प्रेम, पवन कुमार जोकि एक ही दुकान के मालिक हैं, मोहन इंटरप्राइजेज और सोनी बीज भंडार के निलंबित किए गए हैं। तीनों के स्टाॅक और दस्तावेजों में मिली अनियमितताओं के बाद कार्रवाई की गई। जांच अधिकारियों ने बताया कि इनके दस्तावेजों में कुछ खामियां थी जिसकी वजह से इन पर कार्रवाई की गई है। दस्तावेजों में डिस्पले बोर्ड न लगाना, गोदाम न दिखाना आदि खामी पाई गई।
अधिकारियों ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से यूरिया, डीएपी और अन्य खादों की आवश्यकता अनुसार मांग और पूर्ति को सुनिश्चित करने के साथ खाद विक्रेताओं द्वारा टैगिंग, कालाबाजारी और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों की रोकथाम के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में उपमंडल अधिकारी (नागरिक), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, उप मंडल कृषि अधिकारी, गुण नियंत्रण निरीक्षक, सहायक पौधा संरक्षक अधिकारी सदस्य नियुक्त किए गए हैं। जिले में इस कमेटी द्वारा खाद और कीटनाशक विक्रेताओं का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जा रहा है। शुक्रवार को टीम ने इन दुकानों का दौरा किया और कार्रवाई की।
उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से सभी खाद विक्रेताओं को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं कि खाद किसी भी पड़ोसी राज्य में न जाए, खाद के उपलब्ध स्टाॅक व पोस मशीन के स्टाॅक का सही मिलान करें। प्रत्येक विक्रेता के परिसर में स्टाॅक और मूल्य का प्रदर्शन अनिवार्य रूप से करें और खाद की कालाबाजरी, जमाखोरी न की जाए। इसके अलावा खाद के साथ अन्य उत्पाद लगाकर न बेचे जाएं। उन्होंने बताया कि जिले में यूरिया व डीएपी खाद की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। आगामी तीन-चार दिनों में लगभग एक लाख बैग यूरिया आने की संभावना है। उन्होंने किसान भाईयों से आह्वान किया जाता है कि वे अपनी खेत की मिट्टी की जांच करवाएं और मृदा स्वास्थ्य कार्ड अनुसार ही अपने खेत में यूरिया व डीएपी का इस्तेमाल करें।