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Karnal News: यौन शोषण मामले में जांच शुरू, पहले दिन छह घंटे हुई पूछताछ

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में छात्राओं की ओर से अपने ओटी मास्टर पवन कुमार पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। सोमवार को कॉलेज की यौन प्रताड़ना शिकायत निवारण समिति ने करीब छह घंटे तक आरोपी और छात्राओं से अलग-अलग पूछताछ की। कॉलेज में गुप्त स्थान पर दोनों पक्षों से बातचीत की गई।
सूत्रों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की यौन प्रताड़ना शिकायत निवारण समिति ने जांच की शुरुआत में छात्राओं द्वारा विधायक दल को सौंपे गए सात पेजों की शिकायत को क्रमश: आरोपी को सुनाया। साथ ही उस पर एक-एक कर आरोपी से स्पष्टीकरण लिया गया। इससे पहले चेयरपर्सन ने छात्राओं से अलग-अलग बातचीत की और उनके बताए गए आरोपों में तथ्यों को नोट किया। इसके बाद आरोपी से पूछताछ की गई। आरोपी पवन कुमार ने छात्राओं की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया और समिति के एक-एक प्रश्न का जवाब दिया। दूसरी ओर निदेशक डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा ने अभिभावकों द्वारा अपनी बेटियों को यहां से ले जाने की अफवाह का खंडन किया। उन्होंने कहा कि जांच में बिना शामिल हुए आरोपों की सही तरह से जांच नहीं हो सकती। सभी छात्राएं करनाल में ही हैं। इधर, जांच के पहले दिन ओपीडी और संबंधित विभाग के कार्यालयों से अधिकारी नदारद रहे।
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सुचारु रूप से चलती रहेगी कक्षाएं : डॉ. दुरेजा
निदेशक डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा ने बताया कि जांच का किसी भी कक्षा पर कोई असर नहीं दिखेगा। सभी कक्षाएं पहले की तरह चलती रहेंगी। इस बैच के छात्र-छात्राओं को विशेष सिक्योरिटी दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में वे बेरोकटोक उनसे व संस्थान के मुख्य अधिकारियों से मिलकर बातचीत कर सकती हैं।
विधानसभा कमेटी ने गुप्त जांच करने के दिए हैं आदेश
मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा का कहना है कि कॉलेज की समिति को विधानसभा कमेटी ने जांच को गुप्त तरीके से करने और रखने के आदेश जारी किए हैं। जांच के दौरान छात्राओं की गोपनीयता और आरोपी से पूछताछ संबंधी बातें लीक होने पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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यह मुद्दा बड़ा ही गंभीर और संवेदनशील है। ऐसे में अभी वे और जांच समिति न तो ओटी मास्टर पवन कुमार को और न ही शिकायतकर्ता छात्राओं को ठीक या गलत बता सकते हैं। विधानसभा की कमेटी ने उन्हें 15 दिन का समय दिया है। आज से जांच समिति ने कार्य शुरू किया है। इसके तहत आरोपी और शिकायतकर्ताओं से पूछताछ की जा रही है। जांच में जो भी निकलेगा उसे सिर्फ विधानसभा कमेटी को ही सौंपा जाएगा।
- डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, निदेशक, केसीजीएमसी, करनाल।
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