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डिपो होल्डर्स के आरोपों के बाद जांच समिति ने शुरू की जांच

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माई सिटी रिपोर्टर
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इंद्री। खाद्य आपूर्ति विभाग इंद्री के खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक (पीडीएस) कपिल जाखड़ पर क्षेत्र के 40 डिपो होल्डर्स द्वारा लगाए गए गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए सोमवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक निशांत राठी द्वारा गठित जांच समिति ने मौके पर पहुंचकर जांच की। समिति ने डिपो होल्डर्स के दोनों पक्षों के अलग-अलग बयान दर्ज किए। एक पक्ष के डिपो होल्डर्स ने पूर्ति निरीक्षक पर परेशान करने व गड़बड़ियां करने, एक माह में सिर्फ एक ही राशन बांटने के लिए कहने, ऐसा न करने पर डिपो बंद करने की धमकी देने आदि कई आरोप लगाए तो दूसरे पक्ष के 13 डिपो होल्डर्स ने पूर्ति निरीक्षक पर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है।
जांच समिति के प्रभारी सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी अमन नरवाल, वितरण शाखा इंचार्ज कप्तान सिंह, इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह पुलिस बल के साथ इंद्री पहुंचे। बताया जा रहा है कि इंद्री केंद्र के करीब 40 डिपो होल्डर्स ने कुछ दिन पहले डीएफएससी करनाल को खाद्य एवं आपूर्ति पूर्ति निरीक्षक कपिल जाखड़ के खिलाफ शिकायत सौंपी थी। जिसमे उन्होंने पूर्ति निरीक्षक पर आरोप लगाए थे कि पूर्ति निरीक्षक गेहूं पर 200 रुपये, बाजरे पर 80 रुपये और आटे पर 40 रुपये क्विंटल का कमीशन मांगते हैं। डिपो होल्डर्स ने जांच कमेटी को बताया कि कार्यालय में तैनात तरुण कुमार ने कपिल जाखड़ के निर्देश पर सरकार द्वारा भेजे गए पीएमजी फ्लैक्स बोर्ड के उनसे 200 रुपये प्रति फ्लैक्स वसूले हैं। जबकि ये फ्लैक्स बोर्ड सरकार द्वारा डिपो होल्डर्स को फ्री में बांटने के लिए विभाग को भेजे थे। यह भी आरोप लगाए कि वह धमकी देते हैं कि यदि उनकी बात नहीं मानी तो डिपो बंद करा देंगे। इस पर डीएफएससी ने जांच समिति गठित की है। जांच समिति के सामने कई डिपो होल्डर्स ने कहा कि खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक कपिल जाखड़ के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। अन्यथा वह सामूहिक रूप से त्याग पत्र दे देंगे।
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-जांच समिति ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को डिपो होल्डर्स के साथ-साथ संबंधित खाद्य एवं पूर्ति निरीक्षक कपिल जाखड़ के भी बयान दर्ज किए गए हैं। जल्द रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।
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-अमन नरवाल, जांच अधिकारी एवं सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी, इंद्री
-डिपो होल्डर्स द्वारा लगाए आरोप निराधार हैं, क्योंकि अब सारी व्यवस्थाएं ऑनलाइन हैं, किसी तरीके के फर्जीवाड़े की संभावना नहीं है। जब राशन डिपो होल्डर के पास पहुंचता तो उसके बाद ही उसकी मशीन में उसकी एंट्री की जाती है। कार्डधारक का अंगूठा लगने के बाद ही राशन का वितरण हो पाता है।
-कपिल जाखड़, खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक इंद्री
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