स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमों ने चलती कार में भ्रूण लिंग जांच करने के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जिसमें दो आरोपियों को टीम ने पकड़ लिया। आरोपियों को उत्तर प्रदेश व यमुनानगर के बॉर्डर पर कलानौर के निकट यमुनानगर व कैथल पीएनडीटी की टीम ने संयुक्त रूप से पकड़ा। इसके अलावा गाड़ी चालक और एक अन्य व्यक्ति को भी काबू किया गया है।
अंबाला के साहा में भ्रूण लिंग जांच करने के मामले में कैथल की विशेष टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकोय बनाकर आरोपियों द्वारा बताई गई जगह पर भेजा। साहा से महिला को एक बोलेरो गाड़ी में बैठाकर आरोपी यमुनानगर होते हुए सहारनपुर की तरफ चल पड़े। उधर, इस मामले में अंबाला के गांव नगला जटान निवासी एक दलाल ने कृष्ण कुमार ने 20 हजार रुपये लिए थे। डिकोय बनाकर भेजी गई महिला ने पहले से ही गाड़ी का नंबर टीम को बताया हुआ था। इसी वाहन में महिला के भ्रूण की जांच की जानी थी।
आरोपी जब यमुनानगर की तरफ आए तो चिकित्सकों की विशेष टीम ने यमुनानगर की टीम से संपर्क किया और उन्हें बताया कि अंबाला के साहा से लोग महिला को वाहन में बैठाकर उनके इलाके में दाखिल हो रहे हैं। यमुनानगर स्वास्थ्य महकमे की टीम सतर्क हो गई। इस टीम में डॉ. निशा व नितिश शामिल थे। वाहन का पीछा कर रही कैथल व यमुनानगर की टीमों ने कलानौर के पास पुलिस की मदद से नाकाबंदी करवाई और सहारनपुर की तरफ से आ रही बोलेरो गाड़ी को रोककर उसमें सवार चार लोगों को पकड़ लिया।
कार से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, टैबलेट व अन्य सामान मिला। अल्ट्रासाउंड करने वाले की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर के गांव चरथावल निवासी शाह आलम के तौर पर हुई। पुलिस सभी को कलानौर चौकी में ले गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. पुनीत कालड़ा ने बताया कि आरोपी चलती कार में ही भ्रूण जांच करते थे। आरोपी बॉर्डर के आसपास ही सक्रिय रहते थे ताकि किसी एक तरफ से पुलिस आए तो दूसरे राज्य में भाग जाए। गुप्त सूचना मिलने के बाद अंबाला के साहा से डिकाय महिला को इन दलालों की गाड़ी में सवार करवाया गया था। ड्राइवर व एक अन्य व्यक्ति जो कार में मिले हैं उनसे भी पूछताछ की जा रही है कि कहीं वह इसमें संलिप्त तो नहीं हैं। फिलहाल कृष्ण कुमार व शाह आलम के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी गई है।