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Karnal News: करनाल, अमृतसर में बनेगी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बासमती टेस्टिंग लैब, दिल्ली में गैलरी

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन (एआईआरईए) सामान्य सभा 2025-26 की बैठक में बासमती चावल के संबंध में कई अहम निर्णय लिए गए। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के चेयरमैन अभिषेक देव ने एलान किया कि करनाल और अमृतसर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की दो नई बासमती चावल टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी। दिल्ली में बासमती गैलरी बनेगी। बासमती प्रदर्शनी में खरीदारों से बात भी की जा सकेगी। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में रिसर्च एंड ट्रेनिंग फार्म बनाया जाएगा।
एआईआरईए के प्रधान सतीश गोयल ने कहा कि वर्ष 2024-25 में भारत ने 60 लाख टन बासमती चावल का रिकॉर्ड निर्यात किया है। पिछले पांच महीने में ही (1 अप्रैल से 30 अगस्त-2025) 27 लाख टन बासमती निर्यात किया है, जो पिछले साल से चार लाख टन अधिक है। 26 से 30 जनवरी-2026 तक दुबई में गल्फ फूड फेस्टिवल में एपीडा की मदद से एसोसिएशन मेगा शो आयोजित करेगी। जापान, कंबोडिया के साथ ही दुनिया में हम नए बाजार तलाश रहे हैं। बीईडीएफ के निदेशक डॉ. तरुण बजाज ने कहा कि हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में बाढ़, अधिक बारिश व कई अन्य कारणों से बासमती की पैदावार घटी है, हमें गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। किसानों को अच्छा भाव देकर प्रोत्साहित करना होगा, तभी रकबा और पैदावार बढ़ेगी। डॉ. धर्मेश वर्मा ने फसल सर्वे-2025 प्रस्तुत किया।
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इससे पहले बैठक मेंं पहुंचने पर एआईआरईए के प्रधान सतीश गोयल, महासचिव अजय बलोटिया, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष सुशील जैन ने एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव और बासमती एक्सपोर्ट्स डेवलेपमेंट फाउंडेशन (बीईडीएफ) के निदेशक डॉ. तरुण बजाज, एपीडा के संयुक्त निदेशक डॉ. रितेश शर्मा का स्वागत किया। अनिल मित्तल, अश्विनी अरोड़ा, विनोद गोयल, मुनीश बंसल, संजय कुमार गुप्ता, पंकज गोयल सहित देश के कई राज्यों से आए चावल निर्यातक शामिल रहे।

मंडी टैक्स अधिक होने का मुद्दा उठाया
ओपन सेशन में एआईआरईए के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष सुशील जैन ने हरियाणा में एचआरडीएफ सहित मंडी टैक्स सर्वाधिक होने का मुद्दा उठाया और इसे कम करने की मांग रखी। ब्रजमीत सिंह ने किसानों की बढ़ती लागत, घटते मुनाफे की बात रखी। पंजाब के बाली ने विदेशों में फंसे भुगतान को निकलवाने के लिए एपीडा की कमेटी बनाने व बासमती की नमी का मानक तय करने की सलाह दी। एआईआरईए के पूर्व प्रधान विजय सेतिया ने यूके में टैरिफ पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब वहां बासमती होगा ही नहीं तो टैरिफ का क्या फायदा होगा। उत्तराखंड के अरुण अग्रवाल ने नॉन बासमती पर आठ प्रतिशत टैक्स लगा है, यदि किसी को ब्रांड बदलना हो, तो दिक्कत आती है। चेयरमैन ने सभी से शिकायतें लिखित में देने को कहा है।
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बासमती के लिए नए बाजार तलाशेंगे
एपीडी के चेयरमैन अभिषेक देव ने कहा कि हमने पूरी दुनिया में बासमती को ब्रांड स्थापित किया है। निर्यात प्रोत्साहन के लिए दुनिया में नए बाजार तलाशे जाएंगे। गल्फ मार्केट व आर्गेनिक राइस पर फोकस होगा। हमारा डेलीगेशन नए देशों में जाकर बिरयानी ही नहीं, बल्कि वहां के अन्य व्यंजनों में बासमती चावल के प्रयोग को बढ़ावा देगा। उनके स्वाद में अपना स्वाद शामिल करेगा। नई लैब बनने से चावल में पेस्टीसाइड, गुणवत्ता, डीएनए, धातुओं सहित कई तरह की जांच हो सकेगी। मोदीपुरम स्थित इकलौती लैब में टेस्टिंग के लिए जाने का खर्च बचेगा। का
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