करनाल। हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन के नशा मुक्त अभियान का परिणाम अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। एसडीआर मेमोरियल अस्पताल के न्यूरो मनोचिकित्सा और नशामुक्ति सेंटर में इलाज करा रहे 31 वर्षीय विशाल कौशिक ने युवाओं के लिए मिसाल पेश की है। विशाल ने नशा मुक्ति केंद्र आकर इलाज शुरू कराया और विभिन्न बाधाओं से भी हिम्मत न हारकर नशा छोड़ने के अपने संकल्प पर अड़िग रहे। विशाल का कहना है कि जीवन बहुमूल्य है और इसे नशे में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। प्रशासन की सख्ती और समाज में बढ़ती जागरूकता से लगातार सफल उदाहरण सामने आ रहे हैं, जिनसे प्रेरित होकर युवा नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। इन्हीं से प्रेरित होकर विशाल ने भी नशा छोड़ने का संकल्प लिया। संवाद