- इंस्पायर अवार्ड में आवेदन को लेकर बदला नियम, इस बार प्रत्येक खंड से 200 प्रतिभागी लेने का रखा लक्ष्य
- किसी भी विषय में दें आइडिया, चयनित हुआ तो मिलेंगे 10 हजार रुपये, 31 अगस्त तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। इंस्पायर अवार्ड को लेकर मुख्यालय की ओर से इस बार नियमों में बदलाव किया गया है। अब अवार्ड के लिए आवेदन करने से पहले विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर प्रतियोगिता जीतनी होगी। निदेशालय की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि जो विद्यार्थी स्कूल स्तर पर बेहतर आइडिया देकर प्रतियोगिता जीतता है, उन्हें ही आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए। इस नई व्यवस्था से स्कूलों के सभी विद्यार्थियों को प्रतिभागिता करने का अवसर मिलेगा। इस बार जिले के प्रत्येक खंड से 200 विद्यार्थियों की प्रतिभागिता कराने का लक्ष्य रखा गया है।
विद्यार्थियों के नए-नए और क्रिएटिव आइडिया को लेकर चल रही प्रतियोगिता इंस्पायर अवार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। सरकारी और निजी दोनों ही स्कूलों के कक्षा छठी से दसवीं तक के विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। विद्यार्थी देश की मान्यता प्राप्त सभी भाषाओं में अपना आवेदन अपने विद्यालय में जमा करवा सकते हैं। जिसका ऑनलाइन नामांकन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के वेब पोर्टल ई-एमआईएएस के वेब लिंक इंस्पायर्ड अवार्डस-डीएसटी.जीओवी.इन पर किया जाएगा। इन चयनित सभी विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये प्रति पुरस्कार राशि सीधे उनके खाते में डाली जाएगी। प्रदेश स्तर के विजेता प्रतिभागी ही नेशनल प्रतियोगिता में शामिल होंगे। ब्यूरो
हिंदी-अंग्रेजी संबंधित आइडिया भी दे सकते है
पहले इस प्रतियोगिता के तहत विज्ञान के मॉडल ही मांगे जाते थे, परंतु बीते कुछ सालों से विज्ञान ही नहीं किसी भी विषय हिंदी, अंग्रेजी या अन्यों में अपने नए आइडिया दे सकते हैं। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान द्वारा देशभर से आने वाले सर्वश्रेष्ठ एक लाख विचारों का चयन किया जाएगा। इंस्पायर अवार्ड में स्कूली बच्चों को इसी प्रकार से क्रिएटिव आइडिया शेयर करने होंगे। प्रतियोगिता के लिए अपलोड किए जाने वाले आइडिया किसी किताब, इंटरनेट और किसी अन्य के यानी कि कॉपीराइट नहीं होने चाहिए। विद्यार्थियों को अपने विवेक से कुछ नया करने का आइडिया देना है।
ये हैं नियम
- इंस्पायर अवार्ड के लिए सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पांच और मिडिल स्कूल से केवल तीन बच्चे ही भाग ले सकते हैं।
- एक स्कूल से अलग-अलग कक्षाओं या फिर एक ही कक्षा के भी ये सभी बच्चे अवार्ड प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं।
- प्रदेश स्तर पर चयनित बच्चे को 10 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा, जिसका इस्तेमाल वह नए मॉडल बनाने आदि के लिए कर सकेगा।
60 प्रतिभागियों को राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित
इंस्पायर अवार्ड विद्यार्थियों के विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी में नवाचारी प्रोत्साहन के लिए दिया जाता है। इसमें पुरस्कार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित प्रतिभागियों के मॉडल को आईआईटी व एनटीए जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में दिखाया जाता है। कार्यक्रम स्कूलों के सृजनात्मक सोच वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को राष्ट्र स्तरीय मंच प्रदान करता है। कार्यक्रम के तहत करीब 30 लाख युवाओं में विज्ञान के प्रति कार्य, वैज्ञानिक शोध और विज्ञान सीखने में मनोरंजन जैसी विधाओं का विकास कराया जाता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के बाद 10 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन नेशनल स्तरीय प्रतियोगिता के लिए होता है। नेशनल स्तर पर टॉप 60 विद्यार्थियों को राष्ट्रपति से मिलने का अवसर भी मिलता है।
इंस्पायर अवार्ड के लिए आवेदन करने से पहले स्कूल स्तर पर प्रतियोगिता होगी। जो प्रतिभागी बेहतर आइडिया देते हुए विजेता रहेंगे, उन्हें ही आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- दीपक वर्मा, जिला विज्ञाान विशेषज्ञ